भारत-जापान रणनीतिक संबंधों को मिली नई दिशा, ओम बिरला और जापानी स्पीकर की बैठक में हुई व्यापक चर्चा

"लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला और जापान के प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के अध्यक्ष फुकुशिरो नुकागा के बीच संसद भवन में द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और सुरक्षा संबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई।"

आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता: जापान का भारत को समर्थन

बैठक की शुरुआत हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा के साथ हुई। जापानी स्पीकर ने इस घटना को दुखद और निंदनीय बताया और भारत के साथ हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। ओम बिरला ने कहा:

“आतंकवाद एक वैश्विक संकट है और इससे निपटने के लिए सभी लोकतांत्रिक देशों को मिलकर प्रयास करने होंगे।”


भारत-जापान की मित्रता वैश्विक शांति के लिए आवश्यक

ओम बिरला ने भारत और जापान के रिश्तों को वैश्विक शांति, समृद्धि और स्थिरता के लिए बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश QUAD, G20 और इंटरनेशनल सोलर अलायंस जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग कर रहे हैं। इन साझेदारियों से भारत-जापान संबंध रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के स्तर पर पहुंच चुके हैं।


सांस्कृतिक विरासत और जनसंपर्क को मिली सराहना

लोकसभा अध्यक्ष ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को साझा बताते हुए कहा कि हर वर्ष बड़ी संख्या में जापानी पर्यटक और बौद्ध श्रद्धालु भारत आते हैं। इससे दोनों देशों के बीच जनस्तर पर संवाद और आपसी समझ मजबूत हुई है।


भारतीय युवाओं के लिए जापान में अवसर

बैठक के दौरान ओम बिरला ने जापान की उस योजना का स्वागत किया, जिसके तहत 50,000 से अधिक कुशल भारतीय युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे। उन्होंने भारतीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा और शोध के अवसर बढ़ाने की दिशा में जापानी प्रयासों की सराहना की।


पूर्वोत्तर भारत में जापान का सहयोग

ओम बिरला ने पूर्वोत्तर भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में जापान के निरंतर सहयोग पर भी आभार जताया। उन्होंने बताया कि यह सहयोग स्थानीय विकास और क्षेत्रीय संतुलन के लिए बेहद लाभकारी है।


भारत का संविधान और सामाजिक बदलाव

बिरला ने बताया कि भारत ने पिछले वर्ष संविधान निर्माण की 75वीं वर्षगांठ मनाई है। इस दौरान भारत ने अपने संविधान के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन किए हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि संसद ने वंचित वर्गों के लिए कल्याणकारी कानून बनाए हैं, जिन्हें कार्यपालिका ने प्रभावी रूप से लागू किया।


डिजिटल तकनीक और AI से संसद की कार्यप्रणाली में सुधार

लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि भारत की संसद ने डिजिटल टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, दक्ष और जनसुलभ बनाया है। उन्होंने इन अनुभवों को जापानी संसद के साथ साझा करने की इच्छा भी जताई।


उपस्थित प्रमुख प्रतिनिधि

इस द्विपक्षीय बैठक में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, सांसद संजय झा, भर्तृहरि महताब, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और कमलजीत सहरावत जैसे प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने भारत-जापान सहयोग पर अपनी राय साझा की।


भारत-जापान रणनीतिक संबंध: एक नजर में

क्षेत्रसहयोग
सुरक्षाआतंकवाद के खिलाफ सहयोग, QUAD
व्यापारस्किल्ड वर्कर्स, इन्वेस्टमेंट
शिक्षाछात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा सहयोग
संस्कृतिबौद्ध स्थलों पर जापानी यात्राएं
तकनीकडिजिटल संसद, AI अनुभव साझा

“भारत और जापान के बीच रणनीतिक मित्रता अब केवल परंपरागत नहीं, बल्कि आधुनिक वैश्विक चुनौतियों के समाधान में एक साझेदार की भूमिका निभा रही है। ओम बिरला और जापानी संसद अध्यक्ष की यह बैठक दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊर्जा और उद्देश्य प्रदान करने वाली साबित हुई है।”
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