भारत की आतंकवाद पर सख्त नीति को लेकर स्पेन पहुंचा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल

"भारत की आतंकवाद पर सख्त नीति को वैश्विक मंच पर रखने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक सर्वदलीय भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल स्पेन के मैड्रिड शहर पहुंचा है। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि कर रही हैं। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल स्पेन सरकार के उच्च अधिकारियों, भारतीय प्रवासी समुदाय और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों से मिलकर भारत के कड़े रुख को साझा करेगा।"


प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य: वैश्विक मंच पर भारत की आतंकवाद नीति को उजागर करना

भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति का पालन कर रहा है। इस नीति के तहत, भारत न केवल घरेलू सुरक्षा को मजबूत कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहयोग की अपील कर रहा है। इस प्रतिनिधिमंडल का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न देशों के साथ संवाद स्थापित कर वैश्विक सहयोग को सशक्त बनाना है।


प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल हैं?

इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख सांसद और विशेषज्ञ शामिल हैं, जो भारत की संयुक्त आवाज़ बनकर दुनिया को संदेश दे रहे हैं:

  • कनिमोझी करुणानिधि (डीएमके सांसद)
  • राजीव राय (समाजवादी पार्टी सांसद)
  • कैप्टन बृजेश चौटा (सेवानिवृत्त) (भाजपा सांसद)
  • प्रेम चंद गुप्ता (राजद सांसद)
  • अशोक कुमार मित्तल (आप सांसद)
  • मंजीव सिंह पुरी (संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व उप स्थायी प्रतिनिधि)

भारत का स्पष्ट संदेश: “परमाणु खतरे या आतंकवाद को सहन नहीं किया जाएगा”

इस प्रतिनिधिमंडल ने अपनी यात्रा के दौरान स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया है कि भारत किसी भी प्रकार के परमाणु खतरे को सहन नहीं करेगा और पाकिस्तान द्वारा किए गए किसी भी आतंकवादी कृत्य का करारा जवाब देगा। यह संदेश लातविया, ग्रीस, स्लोवेनिया और रूस में पहले ही साझा किया जा चुका है, और अब स्पेन में भी यह दोहराया जा रहा है।


स्पेन में भारतीय दूतावास की भूमिका

मैड्रिड में भारतीय दूतावास ने इस प्रतिनिधिमंडल के आगमन की जानकारी सार्वजनिक मंच पर साझा की। एक पोस्ट के माध्यम से बताया गया कि अगले दो दिनों में प्रतिनिधिमंडल स्पेन सरकार और समाज के विभिन्न वर्गों से मुलाकात करेगा और भारत की आतंकवाद पर सख्त नीति को स्पष्ट करेगा।


लातविया के नेताओं से बातचीत में भारत की नीति पर ज़ोर

स्पेन आने से पहले प्रतिनिधिमंडल ने लातविया का दौरा किया। वहां की संसद की विदेश मामलों की समिति की अध्यक्ष इनारा मुर्निस और सईमा के सदस्यों से बातचीत की। इस बातचीत में भारत की आतंकवाद के प्रति 'शून्य सहिष्णुता' नीति पर गहन चर्चा की गई।


पहलगाम आतंकी हमले पर लातविया की निंदा

लातविया के राज्य सचिव एन्जेज विलुमसन ने भारत के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाया। यह अंतरराष्ट्रीय समर्थन भारत की नीति को और बल देता है।


ऑपरेशन सिंदूर और वैश्विक रणनीति

प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा भारत के वैश्विक कूटनीतिक अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान प्रायोजित सीमापार आतंकवाद के खिलाफ सटीक जानकारी और नीति साझाकरण करना है। भारत चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उसके रुख को समझे और समर्थन दे।


आतंकवाद के खिलाफ भारत का वैश्विक कूटनीतिक संवाद: एक आवश्यक कदम

यह प्रतिनिधिमंडल भारत की विदेश नीति का अहम हिस्सा है जो यह दिखाता है कि भारत अब केवल अपने देश के भीतर ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति चाहता है। भारत मानता है कि जब तक दुनिया एकजुट होकर आतंकवाद का मुकाबला नहीं करेगी, तब तक स्थायी समाधान संभव नहीं है।

"भारत की आतंकवाद पर सख्त नीति को दुनिया के सामने रखने की यह पहल समय की मांग है। यह दर्शाता है कि भारत सिर्फ़ शब्दों से नहीं, बल्कि ठोस कूटनीतिक और राजनीतिक कदमों से वैश्विक सहयोग को सशक्त कर रहा है। यह नीति न केवल भारत की सुरक्षा को बल देती है, बल्कि एक सुरक्षित वैश्विक समाज के निर्माण में भी योगदान देती है।"

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