मेरठ में भूकंप के झटके, तीव्रता रही 2.7

"उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में रविवार सुबह अचानक भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह हल्के झटके थे, लेकिन लोगों ने इन्हें स्पष्ट रूप से महसूस किया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.7 दर्ज की गई। यह भूकंप भारतीय समय अनुसार सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र मेरठ के आस-पास का क्षेत्र था, जिसका स्थान 28.87° उत्तरी अक्षांश और 77.96° पूर्वी देशांतर रहा। इसकी गहराई 5 किलोमीटर मापी गई, जो इसे एक सतही भूकंप बनाती है। हालांकि, इसकी तीव्रता कम होने के कारण किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।"


मणिपुर में दो बार आए भूकंप के झटके

इसी प्रकार की भूकंपीय गतिविधि मणिपुर में भी दर्ज की गई। 28 मई 2025 को, चुराचांदपुर और नोनी जिलों में दो बार भूकंप महसूस किया गया।

चुराचांदपुर में 5.2 तीव्रता का झटका

पहला झटका सुबह 1:54 बजे दर्ज किया गया जिसकी तीव्रता 5.2 थी। यह काफी मजबूत झटका था और इसका केंद्र 24.46° उत्तरी अक्षांश और 93.70° पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इसकी गहराई 40 किलोमीटर बताई गई।

नोनी जिले में 2.5 तीव्रता का दूसरा झटका

इसके बाद 2:26 बजे, नोनी जिले में एक और भूकंप दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता 2.5 थी और केंद्र 24.53° उत्तरी अक्षांश तथा 93.50° पूर्वी देशांतर पर था, जिसकी गहराई 25 किलोमीटर थी।

इन झटकों के कारण लोगों में भय और चिंता का माहौल बन गया, हालांकि, यहां भी कोई नुकसान की खबर नहीं मिली


भूकंप क्यों आते हैं?

भूकंप आने का मुख्य कारण धरती की टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल होती है। ये प्लेट्स धीरे-धीरे खिसकती हैं और जब आपस में टकराती हैं, तो अंदर जमा हुई ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, जिससे कंपन महसूस होते हैं।

भारत क्यों संवेदनशील है?

भारत एक भूकंप-संवेदनशील देश है क्योंकि यह तीन प्रमुख टेक्टोनिक प्लेट्स – इंडो-ऑस्ट्रेलियन, यूरेशियन और बर्मा प्लेट्स – के संगम क्षेत्र में स्थित है। खासकर उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्य, जैसे मणिपुर, नागालैंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और बिहार, सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।


क्या करें जब भूकंप आए?

  • किसी मजबूत टेबल या बेड के नीचे छुप जाएं।
  • खिड़कियों और भारी चीजों से दूर रहें।
  • लिफ्ट का उपयोग न करें।
  • अगर आप बाहर हैं तो खुली जगह में रहें, इमारतों या पेड़ों से दूर।
  • भूकंप के बाद गैस लीक या शॉर्ट सर्किट की जांच करें।

जानिए क्या कहती है नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी

NCS भारत सरकार की आधिकारिक एजेंसी है जो देश भर में भूकंप की निगरानी करती है। इसकी रिपोर्टों के अनुसार, 2025 के पहले 6 महीनों में ही भारत में 50 से अधिक हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए हैं।

"मेरठ में भूकंप के झटके और मणिपुर में लगातार आए दो भूकंपों से यह स्पष्ट होता है कि भारत को भूकंप के प्रति सतर्क और जागरूक रहना चाहिए। भले ही इन घटनाओं से अभी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह चेतावनी जरूर हैं कि भविष्य की संभावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।"

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