भारत और मैक्सिको के बीच व्यापार और तकनीकी साझेदारी को मिली नई दिशा: G7 समिट में पीएम मोदी और राष्ट्रपति शिनबाम की पहली बैठक

"कनाडा में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन 2025 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्सिको की नई राष्ट्रपति डॉ. क्लाउडिया शिनबाम पार्डो की पहली ऐतिहासिक बैठक हुई। यह मुलाकात दोनों देशों के लिए एक नए युग की शुरुआत बनकर सामने आई, जिसमें व्यापार, विज्ञान, तकनीकी सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर गहन विचार हुआ।"


मैत्रीपूर्ण शुरुआत और चुनाव की बधाई

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शिनबाम को मैक्सिको में ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई दी और मैक्सिको को भारत का ऐतिहासिक मित्र बताया। इस दौरान दोनों नेताओं ने परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करने पर बल दिया।


भारत और मैक्सिको व्यापार साझेदारी में तेजी

भारत और मैक्सिको के बीच द्विपक्षीय व्यापार हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है। मोदी और शिनबाम की बातचीत में निवेश, स्टार्टअप, ऑटोमोबाइल, नवाचार और विज्ञान जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई। खास बात यह रही कि मैक्सिको को अब भारत निकट-शोरिंग केंद्र के रूप में देख रहा है, जहां उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को नया आधार मिल सकता है।


फार्मास्युटिकल सेक्टर में सहयोग की संभावना

बैठक में भारत के फार्मास्युटिकल उद्योग की चर्चा प्रमुखता से हुई। भारत, जो दुनिया के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है, अब मैक्सिको में भी इस सहयोग को विस्तार देने के लिए तैयार है।


तकनीकी और नवाचार में साझा हित

राष्ट्रपति शिनबाम ने भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, तकनीकी प्रगति और नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि मैक्सिको भारत के साथ डिजिटल, इनोवेशन और स्टार्टअप क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ाने के लिए उत्साहित है।


सेमीकंडक्टर, एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी में संयुक्त पहल

प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम तकनीक और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत और मैक्सिको के बीच संयुक्त प्रयासों का प्रस्ताव रखा। इस पहल से दोनों देश वैश्विक टेक अर्थव्यवस्था में अपना योगदान और प्रभाव बढ़ा सकते हैं।


कृषि और समग्र स्वास्थ्य पर चर्चा

बैठक में कृषि और समग्र स्वास्थ्य (Holistic Health) के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं भी सामने आईं। भारत का आयुर्वेद और पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणाली, मैक्सिकन जैव विविधता और कृषि पद्धतियों के साथ मिलकर एक नया स्वास्थ्य मॉडल पेश कर सकता है।


पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा

दोनों देशों ने जन-जन के संपर्क को मजबूत करने और पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक साझेदारी को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई। इस कदम से दोनों देशों की जनता के बीच आपसी समझ और सहयोग बढ़ेगा।


थिंक टैंक और नीति संवाद

भारत और मैक्सिको के थिंक टैंक भविष्य में आपसी संवाद और नीति निर्माण में सहयोग करेंगे। इससे रणनीतिक सोच और क्षेत्रीय नेतृत्व क्षमता को नया बल मिलेगा।


ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर सहमति

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शिनबाम ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार साझा किए और ग्लोबल साउथ के हितों की सामूहिक रूप से रक्षा और समर्थन करने पर बल दिया।


भारत आने का आमंत्रण

प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 की अपनी मैक्सिको यात्रा को याद करते हुए राष्ट्रपति शिनबाम को भारत आने का आमंत्रण दिया। यह निमंत्रण दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगा और द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।


"भारत और मैक्सिको व्यापार साझेदारी अब केवल आर्थिक हितों तक सीमित नहीं रह गई है। यह एक रणनीतिक, तकनीकी और सांस्कृतिक गठबंधन में परिवर्तित हो रही है, जो दोनों देशों के नागरिकों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। G7 समिट में हुई यह बैठक भविष्य में भारत और मैक्सिको के संबंधों को गहरा और बहुआयामी बनाएगी।"

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