जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा की तैयारियों पर व्यापक राजनीतिक सहमति

“अमरनाथ यात्रा को शांतिपूर्ण और सफल बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने भाग लिया और यात्रा के सफल आयोजन के लिए साझा प्रतिबद्धता जताई। बैठक का मुख्य उद्देश्य यात्रा की सुरक्षा, प्रबंधन और सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करना था। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जम्मू-कश्मीर के सभी राजनीतिक दल तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और यात्रा की सफलता को लेकर एकजुट हैं।”


उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का संदेश: अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक जिम्मेदारी

बैठक में उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा:

“बाबा अमरनाथ के आशीर्वाद से यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए न केवल एक आध्यात्मिक यात्रा होगी, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लिए सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक भी बनेगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि सभी राजनीतिक दल "जम्मू-कश्मीर परिवार" के सदस्य हैं और इस यात्रा को सफल बनाना हम सबकी सामाजिक-सांस्कृतिक जिम्मेदारी है।


उमर अब्दुल्ला का समर्थन: साझा जिम्मेदारी निभाने का आह्वान

बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि:

“पवित्र अमरनाथ यात्रा का सुचारू संचालन हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को तीर्थयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत करना चाहिए और इस पवित्र आयोजन को सफल बनाने में प्रमुख भागीदार बनना चाहिए।”


सभी राजनीतिक दलों ने दिया सहयोग का आश्वासन

बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा, कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, और अन्य दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और कंधे से कंधा मिलाकर चलने का संकल्प लिया। सभी नेताओं ने कहा कि धार्मिक पर्यटन की सफलता ही जम्मू-कश्मीर की स्थायी शांति और आर्थिक विकास का मार्ग है।


पहलगाम आतंकी हमले की एक सुर में निंदा

बैठक में सभी दलों ने हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। नेताओं ने कहा कि:


अमरनाथ यात्रा: एकता, आस्था और सुरक्षा का संगम

अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर के लिए न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि राजनीतिक सहमति और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बनती जा रही है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए कठिन और रोमांचक यात्रा करते हैं। इस वर्ष यात्रा को लेकर प्रशासन, सेना, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और आम नागरिक भी पूरी तैयारी में जुटे हैं।


सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारी

उपराज्यपाल ने बताया कि:


तीर्थयात्रा के सामाजिक और आर्थिक लाभ

राजनीतिक दलों का मानना है कि:


एकजुटता का संदेश और अमन की राह

अमरनाथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय एकता और कश्मीर की साझी संस्कृति का उत्सव है। सर्वदलीय बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब बात श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा की गरिमा की हो, तब राजनीति नहीं, साझी प्रतिबद्धता और सेवा भावना सर्वोपरि होती है।

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