उत्तराखंड बादल फटना उत्तरकाशी में कहर, होटल ध्वस्त, कई लोग लापता

“उत्तराखंड में जारी मूसलाधार बारिश के बीच उत्तरकाशी जिले के बड़कोट-यमुनोत्री मार्ग पर रविवार देर रात भीषण बादल फटना की घटना सामने आई। इस हादसे में एक निर्माणाधीन होटल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वहां कार्यरत कई मजदूर लापता हो गए हैं।”

राहत व बचाव कार्यों में जुटी SDRF और NDRF की टीमें

घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को मौके पर भेजा। स्थानीय पुलिस भी राहत कार्यों में लगी हुई है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि तेज बारिश के चलते राहत कार्यों में काफी मुश्किलें आ रही हैं, लेकिन लापता लोगों की खोज जारी है।


भारी बारिश और बादल फटने से होटल को हुआ भारी नुकसान

उत्तरकाशी के बलिगढ़ क्षेत्र में यह हादसा हुआ, जहां एक निर्माणाधीन होटल पर भारी बारिश के चलते मलबा गिरा। होटल में मजदूर काम कर रहे थे, जो अब लापता हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, होटल का बड़ा हिस्सा मलबे में दब गया है।

मजदूरों के लापता होने की आशंका

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि वहां काम कर रहे मजदूर हिमाचल और उत्तर प्रदेश से आए थे। घटना के बाद से उनका कोई पता नहीं चला है। राहत टीमें लगातार मलबे को हटाकर खोज अभियान चला रही हैं।


रेड अलर्ट जारी: मौसम विभाग ने दी चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के लिए रविवार और सोमवार को रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी है।


राष्ट्रीय राजमार्ग बंद: कई जगहों पर आवाजाही ठप

बारिश और भूस्खलन के कारण नंदप्रयाग और भनेरोपानी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है। इसके अलावा, रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग-मुनकटिया मार्ग पर भी भारी मलबा गिरा है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।

तीर्थयात्रियों को रोका गया

केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों को फिलहाल सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोका गया है। सोनप्रयाग शटल पुल और मुनकटिया स्लाइडिंग ज़ोन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।


यमुनोत्री मार्ग पर भी बाधा, नदी का प्रवाह रुका

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलाई बैंड के पास दो से तीन स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे मार्ग बंद हो गया है। स्यानाचट्टी के पास एक नाले में मलबा जमा हो गया है, जिससे यमुना नदी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया है और आसपास के होटलों को खतरा बढ़ गया है।


अन्य प्रभावित जिले: चमोली, पौड़ी, देहरादून और रुद्रप्रयाग

उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश का कहर जारी है। चमोली, पौड़ी, देहरादून और रुद्रप्रयाग जिलों में कई संपर्क मार्ग बंद हैं। भूस्खलन की वजह से रास्तों पर मलबा भर गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें।


नदियों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने अलर्ट जारी किया

लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।


प्रशासन की तैयारी: सतर्कता के निर्देश, बचाव उपकरण तैनात

जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन केंद्रों को सतर्क कर दिया है। एनएच बड़कोट, यमुनोत्री रूट, और गौरीकुंड-सोनप्रयाग क्षेत्रों में टीमें तैनात कर दी गई हैं। राहत कैंप तैयार किए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।

“यह लेख उत्तराखंड में हाल ही में घटित बादल फटने की घटना पर आधारित है, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बारिश और भूस्खलन की भयावहता को दर्शाता है।”

Please Read and Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *