पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। अमेरिका-ईरान तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शांति वार्ता के बीच दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि यह हमला आत्मरक्षा के तहत किया गया। सेंटकॉम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के मुताबिक अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंगें बिछाने वाली नौकाओं को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार बंदर अब्बास, सिरिक और जास्क जैसे तटीय इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि ईरान की ओर से अभी तक इन विस्फोटों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस घटना के बाद अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। उन्होंने संवर्धित यूरेनियम को खत्म करने या अमेरिका को सौंपने की बात भी दोहराई। इससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। पश्चिम एशिया से होकर गुजरने वाले समुद्री व्यापार मार्गों पर भी खतरा बढ़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हुई है।
FAQ
सवाल 1: अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में कार्रवाई क्यों की?
अमेरिका के अनुसार यह हमला आत्मरक्षा के तहत किया गया और अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई हुई।
सवाल 2: अमेरिका-ईरान तनाव का असर किन क्षेत्रों पर पड़ सकता है?
इसका असर तेल बाजार, वैश्विक व्यापार और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।
सवाल 3: Donald Trump ने क्या बयान दिया?
ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे।