CBSE OSM विवाद | फिजिक्स मूल्यांकन पर उठे सवाल, छात्रों ने लगाई जांच की मांग
सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर इस बार छात्रों के बीच असंतोष देखने को मिल रहा है। CBSE OSM विवाद खासकर कक्षा 12 के फिजिक्स पेपर के मूल्यांकन को लेकर चर्चा में है। कई छात्रों ने दावा किया है कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच सही तरीके से नहीं की गई। कुछ छात्रों का आरोप है कि सप्लीमेंट्री कॉपियों का मूल्यांकन नहीं हुआ, जबकि कुछ को किसी अन्य छात्र की स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका उपलब्ध करा दी गई। छात्रों का कहना है कि इससे उनके अंकों पर सीधा असर पड़ा है। फिजिक्स विषय में कम अंक मिलने के बाद कई छात्रों ने री-इवैल्यूएशन का विकल्प चुना, जहां उन्हें कथित गड़बड़ियां दिखाई दीं।
शिक्षकों का भी मानना है कि यदि तकनीकी त्रुटियां हुई हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं कई अभिभावकों ने बोर्ड से पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों का असर कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। लेकिन इसकी निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण को और मजबूत करना आवश्यक है।
FAQ
प्रश्न: CBSE OSM क्या है?
उत्तर: यह ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली है, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया जाता है।
प्रश्न: सबसे अधिक शिकायत किस विषय में आई है?
उत्तर: छात्रों के अनुसार सबसे अधिक शिकायतें फिजिक्स विषय के मूल्यांकन को लेकर सामने आई हैं।
