दिल्ली मतदाता सूची संशोधन पर विवाद तेज, विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च कर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026। दिल्ली मतदाता सूची संशोधन को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर विरोध मार्च निकाला। नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

दिल्ली मतदाता सूची संशोधन पर विपक्ष की आपत्ति

विपक्षी नेताओं का कहना है कि किसी पात्र नागरिक का नाम बिना उचित जांच और सुनवाई के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने नाम हटाने के मामलों की समीक्षा और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।

वहीं, मतदाता सूची के संशोधन का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टियों की पहचान कर रिकॉर्ड को सही रखना है। हालांकि, इस प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है।

मतदाताओं के लिए क्या है जरूरी?

मतदाताओं को अपनी जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर जांचनी चाहिए। यदि नाम सूची में नहीं मिलता, तो संबंधित निर्वाचन अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 और विवरण में सुधार के लिए फॉर्म 8 उपलब्ध है।

विपक्ष की मांग है कि नाम हटाने के मामलों में पारदर्शिता बनी रहे और

पात्र मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिले।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: दिल्ली में मतदाता सूची संशोधन का उद्देश्य क्या है?

उत्तर: पात्र मतदाताओं की जानकारी अपडेट करना और गलत या दोहरी प्रविष्टियों की पहचान करना।

प्रश्न 2: मतदाता सूची में नाम कैसे जांचें?

उत्तर: चुनाव आयोग के पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर जाकर नाम जांच सकते हैं।

प्रश्न 3: नाम नहीं मिलने पर क्या करें?

उत्तर: संबंधित निर्वाचन अधिकारी से संपर्क करें और पात्रता के अनुसार निर्धारित आवेदन जमा करें।

Sunil Sharma | The Morning Star

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