Delhi Transport Strike | ECC टैक्स और BS-4 बैन के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों का बड़ा विरोध
दिल्ली NCR में शुरू हुई Delhi Transport Strike अब बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। ट्रक और टेंपो ऑपरेटरों ने ECC टैक्स बढ़ाने और BS-4 डीजल वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध के खिलाफ चक्का जाम शुरू कर दिया है। ट्रांसपोर्ट यूनियनों का कहना है कि नए नियमों से लाखों छोटे कारोबारियों और ड्राइवरों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। Transport Strike का असर अब सप्लाई चेन पर भी दिखाई देने लगा है। कई मंडियों में माल की आवाजाही धीमी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह हड़ताल लंबी चली, तो फल, सब्जियां, दूध और राशन की कीमतें बढ़ सकती हैं।
ट्रांसपोर्ट यूनियनों के मुताबिक ECC टैक्स में हाल ही में भारी बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा 1 नवंबर 2026 से BS-4 कमर्शियल डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी भी चल रही है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि नया वाहन खरीदना छोटे ऑपरेटरों के लिए आसान नहीं है। हालांकि सरकार का कहना है कि दिल्ली NCR में प्रदूषण कम करने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं। अब सभी की नजर सरकार और ट्रांसपोर्ट यूनियनों के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हुई है।
Sunil Sharma | The Morning Star
FAQ
सवाल: Delhi Transport Strike क्यों हो रही है?
जवाब: ट्रांसपोर्टर ECC टैक्स बढ़ाने और BS-4 डीजल वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध का विरोध कर रहे हैं।
सवाल: क्या Delhi Transport Strike से महंगाई बढ़ सकती है?
जवाब: हां, अगर हड़ताल लंबी चली तो सब्जियों, दूध और राशन की कीमतें बढ़ सकती हैं।
सवाल: ECC Tax क्या होता है?
जवाब: यह वह शुल्क है जो दिल्ली में प्रवेश करने वाले कमर्शियल डीजल वाहनों से लिया जाता है।
सवाल: BS-4 बैन कब लागू हो सकता है?
जवाब: प्रस्तावित योजना के अनुसार 1 नवंबर 2026 से BS-4 कमर्शियल डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लागू हो सकता है।

