Drainage System in Mumbai :- मुंबई जलभराव पर बॉम्बे हाईकोर्ट की टिप्पणी, केवल BMC को दोष देना उचित नहीं, अतिक्रमण और बंद नालियां भी बड़ी वजह

Drainage System in Mumbai :- मुंबई में हर वर्ष मानसून के दौरान होने वाले जलभराव को लेकर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि शहर में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव के लिए केवल बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। न्यायालय के अनुसार, अतिक्रमण, बंद नालियां और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का दुरुपयोग भी इस समस्या के प्रमुख कारण हैं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जल निकासी व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कई कारक वर्षों से मौजूद हैं। नालों और जलमार्गों पर अतिक्रमण, कचरे के कारण नालियों का जाम होना और सार्वजनिक संपत्तियों का अनुचित उपयोग मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति को और गंभीर बना देता है।

Boeing 737 :- शारजाह से कराची जा रहा बोइंग 737 विमान लापता होने की खबर, खोज अभियान जारी

हाईकोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि शहर में बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याओं का समाधान केवल सरकारी एजेंसियों के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए नागरिकों, स्थानीय निकायों और अन्य संबंधित संस्थाओं को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। अदालत ने स्वच्छता बनाए रखने, नालियों में कचरा न फेंकने और सार्वजनिक सुविधाओं के संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया।

मुंबई में हाल के दिनों में हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और जनजीवन प्रभावित होने की घटनाएं सामने आई हैं। इस बीच हाईकोर्ट की टिप्पणी ने शहरी विकास, जल निकासी व्यवस्था और नागरिक जिम्मेदारी पर नई चर्चा शुरू कर दी है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, अनियोजित निर्माण और जल निकासी मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण महानगरों में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उनका कहना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए बेहतर शहरी योजना, नियमित सफाई अभियान और नागरिक सहभागिता आवश्यक है।

फिलहाल अदालत की टिप्पणियों के बाद संबंधित एजेंसियों से जल निकासी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

Please Read and Share