होर्मुज संकट के बीच भारत का 25 दिन का तेल स्टॉक, सरकार अलर्ट
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है। होर्मुज रूट पर भी संकट बना हुआ है। Meanwhile, भारत के पास फिलहाल 25 दिन का तेल स्टॉक मौजूद है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार देश ने कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का पर्याप्त भंडारण किया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल है।
Moreover, एशियाई देशों को इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल मिलता है। तनाव बढ़ने की आशंका के कारण वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत तेल आयात करता है। Therefore, सरकार ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सतर्क है। 25 दिन का तेल स्टॉक राहत देने वाली स्थिति माना जा रहा है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने समीक्षा बैठक की। In addition, सप्लाई व्यवस्था का भी आकलन किया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई जाएंगी।
भारत रूस से रियायती दरों पर तेल खरीद रहा है। Furthermore, अन्य देशों से भी वैकल्पिक सप्लाई बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
यदि संकट लंबा चलता है, तो रणनीतिक रिजर्व मददगार साबित हो सकते हैं। Finally, सरकार ने भरोसा दिलाया है कि ऊर्जा आपूर्ति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
FAQ
प्रश्न 1: 25 दिन का तेल स्टॉक क्या दर्शाता है?
यह दर्शाता है कि मौजूदा खपत दर के हिसाब से भारत के पास लगभग 25 दिनों तक का कच्चा तेल और ईंधन उपलब्ध है।
प्रश्न 2: क्या पेट्रोल-डीजल महंगा होगा?
फिलहाल सरकार ने कीमतें स्थिर रखने का संकेत दिया है। हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है।
प्रश्न 3: होर्मुज रूट क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दुनिया के प्रमुख तेल सप्लाई मार्गों में से एक है। इसी वजह से एशिया को भारी मात्रा में तेल मिलता है।
