Mobile Tariff :- देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं को जल्द ही महंगे रिचार्ज का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले महीनों में मोबाइल टैरिफ में 12% से 15% तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि दूरसंचार कंपनियां नेटवर्क विस्तार, 5G सेवाओं में निवेश, बढ़ती परिचालन लागत और औसत प्रति उपभोक्ता आय (ARPU) में सुधार के उद्देश्य से टैरिफ बढ़ाने पर विचार कर रही हैं।
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यदि यह बढ़ोतरी लागू होती है, तो प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों श्रेणियों के कई प्लान महंगे हो सकते हैं। हालांकि, कंपनियों की ओर से अभी तक नए टैरिफ की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
दूरसंचार क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि भारत में डेटा और मोबाइल सेवाओं की कीमतें अब भी दुनिया के कई देशों की तुलना में कम हैं। ऐसे में कंपनियां चरणबद्ध तरीके से टैरिफ में संशोधन कर सकती हैं। फिलहाल उपभोक्ताओं को अंतिम निर्णय के लिए टेलीकॉम कंपनियों और नियामकीय घोषणाओं का इंतजार करना होगा।