NCERT ज्यूडीशियल करप्शन विवाद पर CJI सख्त रुख, किताब पर उठे सवाल

Sunil Sharma | The Morning Star

NCERT ज्यूडीशियल करप्शन विवाद को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। आठवीं कक्षा की नई सोशल साइंस किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़ा अध्याय शामिल किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है।

Supreme Court of India के चीफ जस्टिस ने कहा कि किसी भी संस्था को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। यह मामला अदालत में सीनियर वकीलों द्वारा उठाया गया था। उनका तर्क था कि किताब में न्यायपालिका पर फोकस किया गया है, जबकि अन्य संस्थानों पर चर्चा नहीं है।

NCERT ज्यूडीशियल करप्शन विवाद के बाद संबंधित किताब को वेबसाइट से हटाए जाने की खबर भी सामने आई है। हालांकि, National Council of Educational Research and Training की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है।

किताब में लंबित मामलों के आंकड़े और जवाबदेही तंत्र का जिक्र है। साथ ही यह भी बताया गया है कि पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का हिस्सा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को संतुलित जानकारी देना जरूरी है। शिक्षा में तथ्यों के साथ संदर्भ भी अहम होते हैं।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1: NCERT ज्यूडीशियल करप्शन विवाद क्या है?
यह विवाद आठवीं कक्षा की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े अध्याय को लेकर है।

प्रश्न 2: सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी संस्था की छवि खराब नहीं की जानी चाहिए और मामले को गंभीरता से देखा जाएगा।

प्रश्न 3: क्या किताब हटा दी गई है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलहाल किताब वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है।

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