NEET UG री-एग्जाम सुरक्षा के लिए सरकार का बड़ा कदम, सेना और वायुसेना की मदद पर विचार
NEET UG री-एग्जाम सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बाद 21 जून को प्रस्तावित री-एग्जाम के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जा रही है। सरकार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय सेना और वायुसेना की मदद लेने पर विचार कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में प्रश्नपत्रों की छपाई, परिवहन और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। योजना के तहत सेना प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने में सहयोग कर सकती है। वहीं, खराब मौसम की स्थिति में वायुसेना की सहायता ली जा सकती है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सैन्य बल केवल लॉजिस्टिक्स और आपातकालीन परिवहन सहायता प्रदान करेंगे। परीक्षा संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों के पास ही रहेगी।
NEET UG री-एग्जाम सुरक्षा को मजबूत करने के लिए गृह मंत्रालय, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, डाक विभाग और राज्य सरकारें भी सहयोग करेंगी। इस बीच, मूल परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले की जांच जारी है और कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
Sunil Sharma | The Morning Star
FAQ
प्रश्न: NEET UG री-एग्जाम कब होगा?
उत्तर: प्रस्तावित तारीख 21 जून बताई जा रही है।
प्रश्न: क्या सेना परीक्षा केंद्रों पर तैनात होगी?
उत्तर: नहीं, सेना की भूमिका केवल सुरक्षित परिवहन और लॉजिस्टिक्स तक सीमित रहेगी।
प्रश्न: वायुसेना की क्या भूमिका होगी?
उत्तर: खराब मौसम या आपात स्थिति में प्रश्नपत्रों की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करना।

