Noida Authority :- नोएडा में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक बड़ी आधारभूत संरचना परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। प्राधिकरण ने एमपी-1 और एमपी-2 मार्ग को जोड़ने के लिए करीब 6 किलोमीटर लंबा छह लेन का एलिवेटेड रोड बनाने का निर्णय लिया है। यह नया कॉरिडोर रजनीगंधा अंडरपास के आगे से शुरू होकर सेक्टर-60 स्थित यूफ्लेक्स तक जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच आवागमन को अधिक तेज और सुगम बनाना है।
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के निर्माण से शहर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक पॉइंट्स में शामिल रजनीगंधा चौराहे और आसपास के मार्गों पर वाहनों का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है। यह कॉरिडोर सिग्नल-फ्री यात्रा की सुविधा देगा, जिससे दैनिक यात्रियों का सफर आसान होगा और पीक आवर्स में लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी। अधिकारियों का अनुमान है कि इस मार्ग पर यात्रा का समय लगभग 30 मिनट से घटकर 10 मिनट तक रह सकता है।
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जानकारी के अनुसार, परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है और अब आईआईटी रुड़की को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। डीपीआर में इंजीनियरिंग डिजाइन, ट्रैफिक अध्ययन और निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद निविदा प्रक्रिया शुरू होगी।
इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 700 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एलिवेटेड रोड के निर्माण से डीएनडी फ्लाईवे की ओर जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सेक्टर-57, सेक्टर-60 और आसपास के औद्योगिक एवं आवासीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल ट्रैफिक प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नोएडा के आर्थिक और रियल एस्टेट विकास को भी नई गति देगी। बेहतर सड़क संपर्क से निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। यदि योजना तय समय पर पूरी होती है, तो यह नोएडा की परिवहन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित होगी।