नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026। दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के साथ दक्षिण भारत में मौसम बदलने लगा है। अब पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत को लेकर हलचल तेज हो गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और आसपास के दक्षिणी राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
पूर्वोत्तर मानसून से दक्षिण भारत में बदलेगा मौसम
अक्टूबर से दिसंबर के बीच दक्षिण भारत के कई हिस्सों में पूर्वोत्तर मानसून बारिश का प्रमुख स्रोत होता है। खासकर तमिलनाडु और पुडुचेरी में इस दौरान अच्छी बारिश होती है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाती हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्र में बनने वाली निम्न दबाव की प्रणालियां बारिश की तीव्रता बढ़ा सकती हैं। हालांकि, वास्तविक स्थिति मौसम प्रणालियों के विकास पर निर्भर करेगी।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में बारिश की संभावना
चेन्नई सहित तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसके अलावा पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों और आसपास के इलाकों में भी मौसम बदलने की संभावना है।
भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
इसलिए स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को मौसम संबंधी सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानसून
यह मानसून दक्षिण भारत में कृषि और जल संसाधनों के लिए महत्वपूर्ण है।
बारिश से जलाशयों का जलस्तर बढ़ने और खेती को लाभ मिलने की उम्मीद रहती है।
हालांकि, अत्यधिक वर्षा फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है।
महत्वपूर्ण: पूर्वोत्तर मानसून की आधिकारिक शुरुआत की तारीख और
जिलावार चेतावनी के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का नवीनतम बुलेटिन देखना आवश्यक है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: पूर्वोत्तर मानसून क्या है?
उत्तर: पूर्वोत्तर मानसून भारत में अक्टूबर से दिसंबर के बीच सक्रिय रहने वाली मौसमी वर्षा प्रणाली है।
प्रश्न 2: पूर्वोत्तर मानसून कब शुरू होता है?
उत्तर: सामान्य तौर पर पूर्वोत्तर मानसून अक्टूबर में शुरू होता है और दिसंबर तक सक्रिय रहता है।