चीन की सप्लाई चेन को चुनौती देगा Quad Critical Mineral Framework | भारत को मिल सकता है बड़ा फायदा
भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर “Quad Critical Mineral Framework” लॉन्च किया है। इस पहल का उद्देश्य रेयर अर्थ एलिमेंट्स और क्रिटिकल मिनरल्स की वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत बनाना है। साथ ही चीन की निर्भरता को कम करना भी इसका बड़ा लक्ष्य माना जा रहा है। नई दिल्ली में हुई Quad विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद इस घोषणा ने वैश्विक बाजार में हलचल बढ़ा दी है। भारत के लिए यह पहल रणनीतिक और आर्थिक दोनों स्तर पर अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि Quad Critical Mineral Framework के जरिए भारत माइनिंग और प्रोसेसिंग सेक्टर में बड़ा केंद्र बन सकता है।इस खबर का असर भारतीय शेयर बाजार में भी दिखा।
गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन यानी GMDC के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। निवेशकों को उम्मीद है कि भारत आने वाले समय में क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन में अहम भूमिका निभा सकता है। आज इलेक्ट्रिक वाहन, मोबाइल, बैटरी और डिफेंस सिस्टम जैसे कई सेक्टर रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर निर्भर हैं। फिलहाल चीन का इस क्षेत्र पर बड़ा नियंत्रण है। ऐसे में Quad Critical Mineral Framework को चीन के दबदबे को चुनौती देने वाले बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। भारत पहले ही क्लीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन को मजबूत करने पर काम कर रहा है। अब Quad देशों के सहयोग से नए निवेश और तकनीकी साझेदारी के रास्ते खुल सकते हैं।
FAQ
Q1. Quad Critical Mineral Framework क्या है?
यह Quad देशों की साझा पहल है, जिसका उद्देश्य क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना है।
Q2. Quad में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया Quad समूह का हिस्सा हैं।
Q3. भारत को इससे क्या फायदा होगा?
भारत को निवेश, रोजगार और माइनिंग सेक्टर में नई संभावनाएं मिल सकती हैं।

