एस जयशंकर ब्रसेल्स यात्रा: कूटनीतिक संवाद और रणनीतिक साझेदारी की दिशा में मजबूत कदम

"भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने 9 से 11 जून 2025 तक ब्रसेल्स की आधिकारिक यात्रा की। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक सहयोग को सुदृढ़ करना और व्यापक व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में प्रगति करना था।"


बेल्जियम के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात

डॉ. जयशंकर ने बेल्जियम के राजा फिलिप, प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर, और उप प्रधानमंत्री मैक्सिम प्रिवोट से मुलाकात की। इन बैठकों में:

  • व्यापार, रक्षा, निवेश, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दी गईं।
  • राजा फिलिप ने मार्च 2025 में पीएम मोदी से हुई टेलीफोन वार्ता को याद किया।

यूरोपीय संघ के साथ उच्च स्तरीय वार्ता

🔹 सामरिक वार्ता और सहयोग
  • डॉ. जयशंकर ने यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, संसद अध्यक्ष रॉबर्टा मेत्सोला और उच्च प्रतिनिधि काजा कालास से भी मुलाकात की।
  • भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी, एफटीए वार्ता, और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा की गई।
🔹 पहलगाम हमले पर यूरोपीय संघ की तीखी प्रतिक्रिया
  • 22 अप्रैल 2025 को हुए आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा की गई।
  • ईयू ने भारत के आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के अधिकार का समर्थन किया।

व्यापार और तकनीकी सहयोग: एफटीए की दिशा में प्रगति

भारत और यूरोपीय संघ ने इस वर्ष के अंत तक:

  • संतुलित, महत्वाकांक्षी और लाभकारी FTA पर सहमति बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
  • सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, रक्षा उद्योग, और डिजिटल कनेक्टिविटी में सहयोग को गति देने पर बल दिया।

डॉ. जयशंकर ने मारोस सेफकोविक, एंड्रियस कुबिलियस और जोजफ सिकेला के साथ अलग-अलग बैठकों में:

  • आर्थिक सुरक्षा
  • त्रिपक्षीय वैश्विक विकास परियोजनाएं
  • सूचना सुरक्षा समझौते
  • अंतरिक्ष सहयोग जैसे क्षेत्रों पर संवाद किया।

लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय साझेदारी पर बल

यूरोपीय संसद अध्यक्ष मेत्सोला से हुई बैठक में:

  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की शुभकामनाएं दी गईं।
  • भारत-ईयू संसदीय संबंधों को और गहरा करने के सुझाव दिए गए।
  • बहुलवाद और लोकतंत्र जैसे साझा मूल्यों को केंद्र में रखा गया।

नई वैश्विक व्यवस्था’ विषय पर वैश्विक संबोधन

  • विदेश मंत्री ने जर्मन मार्शल फंड ब्रसेल्स फोरम को भी संबोधित किया।
  • इसमें भारत की भूमिका, मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर, और वैश्विक कूटनीति में नवीन दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया गया।

प्रवासी भारतीयों और मीडिया से संवाद

जयशंकर ने बेल्जियम और लक्जमबर्ग में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। उन्होंने यूरोप के प्रमुख मीडिया समूहों से बातचीत कर:

  • भारत की विदेश नीति और
  • नए भारत के दृष्टिकोण को साझा किया।

भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और तकनीकी परिषद की अगली बैठक जल्द

दोनों पक्षों ने आगामी भारत-ईयू शिखर सम्मेलन से पहले:

  • टीटीसी (Trade & Technology Council) की अगली बैठक आयोजित करने पर सहमति दी।
  • इसमें कौशल विकास, प्रतिभा गतिशीलता, और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा।

"एस जयशंकर ब्रसेल्स यात्रा न केवल भारत की कूटनीतिक शक्ति का उदाहरण है, बल्कि यह भारत-यूरोपीय संघ के बीच उच्च स्तरीय विश्वास, सहयोग और साझा रणनीतिक हितों की पुष्टि भी करती है। पहलगाम हमले के बाद भारत को मिले समर्थन और एफटीए जैसे आर्थिक प्रस्तावों में गति से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत अब वैश्विक नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में खड़ा है।"

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