भारतीय शेयर बाजार में एक बड़े “सोशल मीडिया शेयर घोटाला” का खुलासा हुआ है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड Securities and Exchange Board of India ने एक ही परिवार के सात लोगों पर शेयरों में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। जांच के अनुसार आरोपियों ने टेलीग्राम, व्हाट्सएप और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर छोटे निवेशकों को प्रभावित किया। सेबी के मुताबिक आरोपी पहले कम लिक्विडिटी वाले एसएमई शेयर खरीदते थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन शेयरों की सिफारिश बड़े स्तर पर करते थे। जैसे ही निवेशकों की खरीदारी बढ़ती थी, शेयर की कीमत ऊपर चली जाती थी। बाद में आरोपी अपने शेयर बेचकर भारी मुनाफा कमा लेते थे।
जांच में सामने आया कि इस सोशल मीडिया शेयर घोटाला के जरिए करीब 20.25 करोड़ रुपये का अवैध लाभ कमाया गया। सेबी ने जनवरी 2026 में तलाशी अभियान भी चलाया। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को सोशल मीडिया टिप्स पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी शेयर में निवेश से पहले प्रमाणित सलाहकार की राय लेना जरूरी है।
FAQ
सवाल 1: सोशल मीडिया शेयर घोटाला क्या है?
यह ऐसा फ्रॉड है जिसमें सोशल मीडिया के जरिए शेयरों का प्रचार कर कीमतें बढ़ाई जाती हैं।
सवाल 2: SEBI ने कितने लोगों पर कार्रवाई की?
सेबी ने एक ही परिवार के सात सदस्यों पर कार्रवाई की है।
सवाल 3: निवेशक कैसे बच सकते हैं?
केवल प्रमाणित निवेश सलाहकार की सलाह पर निवेश करें।

