हरियाणा के कुरुक्षेत्र में विदेशी पिस्टल बरामद होने के बाद टर्किश हथियार नेटवर्क एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एसटीएफ द्वारा पकड़े गए शूटरों के पास से मिली टर्किश पिस्टल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जांच में सामने आया है कि भारत में सक्रिय कई गैंगस्टर अब आधुनिक विदेशी हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, जिगाना, जोराकी और रेटे जैसी टर्किश पिस्टल्स अपराधियों की पहली पसंद बनती जा रही हैं। ये हथियार पहले यूरोप और पश्चिम एशिया के रास्ते तस्करी नेटवर्क के जरिए दक्षिण एशिया पहुंचते हैं। इसके बाद अलग-अलग चैनलों से भारत में सप्लाई किए जाते हैं। एजेंसियों का मानना है कि टर्किश हथियार नेटवर्क अब संगठित अपराध का बड़ा हिस्सा बन चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी पिस्टलों की बढ़ती मांग गैंगवार और संगठित अपराध के बदलते स्वरूप का संकेत है। पहले गैंगस्टर टीटी-30 और ग्लाक जैसे हथियार इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब टर्किश मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच में जुटी हैं।
FAQ
Q1. टर्किश हथियार नेटवर्क क्या है?
टर्किश हथियार नेटवर्क अवैध हथियार सप्लाई चेन है, जिसके जरिए विदेशी पिस्टल भारत तक पहुंचती हैं।
Q2. जिगाना पिस्टल क्यों चर्चा में है?
जिगाना पिस्टल अपनी हाई क्वालिटी और तेज फायरिंग क्षमता के कारण गैंगस्टरों के बीच लोकप्रिय है।
Q3. एजेंसियां किस बात की जांच कर रही हैं?
एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि विदेशी हथियार भारत में किन रास्तों से पहुंच रहे हैं।

