अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA और निजी अंतरिक्ष कंपनी SpaceX एक नए कार्गो मिशन की तैयारी कर रहे हैं। SpaceX सप्लाई मिशन के तहत 13 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए वैज्ञानिक उपकरण और जरूरी सामग्री भेजने की योजना है।
NASA के अनुसार, CRS-35 मिशन में 6,300 पाउंड से अधिक सामान भेजा जाएगा। इसमें चिकित्सा अनुसंधान, वैज्ञानिक प्रयोग और अंतरिक्ष स्टेशन के संचालन से जुड़े उपकरण शामिल हैं।
SpaceX सप्लाई मिशन में क्या होगा खास?
इस अभियान के लिए SpaceX के Falcon 9 रॉकेट और Dragon कार्गो अंतरिक्ष यान का इस्तेमाल होगा। प्रक्षेपण फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से प्रस्तावित है।
मिशन में कृत्रिम रेटिना, हृदय के ऊतकों और मस्तिष्क से संबंधित अनुसंधान सामग्री भेजी जाएगी। वैज्ञानिक इन प्रयोगों के माध्यम से सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण के प्रभावों का अध्ययन करेंगे।
इसके अलावा अंतरिक्ष स्टेशन की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए सौर पैनल भी भेजे जाएंगे।
15 अक्टूबर को ISS पहुंचने की योजना
मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार, Dragon अंतरिक्ष यान 15 अक्टूबर को ISS से जुड़ेगा।
इसके बाद अंतरिक्ष यात्री वैज्ञानिक उपकरणों को स्थापित करेंगे।
NASA और SpaceX की यह साझेदारी भविष्य के चंद्रमा और मंगल अभियानों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि, मौसम या तकनीकी कारणों से लॉन्च कार्यक्रम बदल सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1. SpaceX का नया मिशन कब लॉन्च होगा?
उत्तर: 13 अक्टूबर 2026 को लॉन्च प्रस्तावित है।
प्रश्न 2. इस मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: अंतरिक्ष स्टेशन तक वैज्ञानिक उपकरण और जरूरी सामग्री पहुंचाना।
प्रश्न 3. कौन-सा रॉकेट इस्तेमाल होगा?
उत्तर: SpaceX का Falcon 9 रॉकेट।