US Iran Conflict 2026 :- मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार सातवीं रात ईरान से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि यदि सैन्य कार्रवाई जारी रही तो “अब कोई भी सीमा सुरक्षित नहीं रहेगी।”
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े रणनीतिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, हमलों में हुए नुकसान और हताहतों की संख्या को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान की सरकार और सैन्य नेतृत्व ने अमेरिका की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए कहा कि देश अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि हमले जारी रहे तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
उधर, अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य अपने हितों और सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अमेरिका ने ईरान पर क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाने और अपने समर्थित समूहों के जरिए सुरक्षा चुनौतियां पैदा करने के आरोप लगाए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह सैन्य टकराव पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाल सकता है। खाड़ी क्षेत्र में किसी भी बड़े संघर्ष का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, समुद्री व्यापार मार्गों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील कर रहा है ताकि क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंका को टाला जा सके।