विश्व पर्यावरण दिवस 2025: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं ने दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

"विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के अवसर पर भारत के शीर्ष नेतृत्व ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर देशवासियों से जागरूक और सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा करते हुए देश को हरित भविष्य की दिशा में प्रेरित किया।"


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु: एक हरियाली भरी धरती के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 'एक्स' (पूर्व ट्विटर) पर अपने संदेश में लिखा:
"विश्व पर्यावरण दिवस पर, आइए हम अपने ग्रह की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को सुनिश्चित करें। संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल व्यवहार अपनाना ही आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है। हर कदम एक फर्क ला सकता है और सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और हरित धरती दी जा सकती है।"

यह संदेश न केवल जागरूकता फैलाता है बल्कि जिम्मेदारी का भी आह्वान करता है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “जो प्रकृति की रक्षा करता है, प्रकृति उसकी रक्षा करती है”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बेहद गूढ़ संदेश दिया, जिसमें उन्होंने लिखा:
"इस विश्व पर्यावरण दिवस पर, आइए हम अपने ग्रह की रक्षा करने और सामने आने वाली पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के प्रयासों को और गहरा करें।"

उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों की सराहना करते हुए कहा:
"जो प्रकृति की रक्षा करते हैं, प्रकृति उनकी रक्षा करती है।"

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से यह भी रेखांकित किया कि पर्यावरण संतुलन भारत की पुरातन परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने वैश्विक नेताओं से आग्रह किया कि वे निहित स्वार्थों से ऊपर उठकर इस दिशा में काम करें।


गृहमंत्री अमित शाह: सतत विकास लक्ष्य की ओर भारत का तेज़ी से बढ़ता कदम

अमित शाह ने भी इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा:
"विश्व पर्यावरण दिवस पर शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सतत विकास लक्ष्यों को उल्लेखनीय गति से प्राप्त कर रहा है।"

उन्होंने इस दिन को एक बेहतर विश्व के निर्माण के लिए संकल्प और साझेदारी को मजबूत करने का अवसर बताया।


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: पर्यावरण की रक्षा राष्ट्र के प्रति कर्तव्य

राजनाथ सिंह ने अपने संदेश में लिखा:
"विश्व पर्यावरण दिवस पर, हम सभी को अपने दैनिक जीवन में टिकाऊ (sustainable) आदतें अपनानी चाहिए।"

उन्होंने इसे केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि राष्ट्र और भावी पीढ़ियों के प्रति कर्तव्य करार दिया। यह दृष्टिकोण पर्यावरणीय कार्रवाई को एक राष्ट्रीय कर्तव्य के रूप में स्थापित करता है।


जेपी नड्डा: पर्यावरणीय योजनाओं से भारत की हरित प्रतिबद्धता

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लिखा:
"हम अपने ग्रह की रक्षा और संधारणीय जीवन को बढ़ावा देने की आवश्यकता को दोहराते हैं।"

उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं का ज़िक्र किया:

  • स्वच्छ भारत मिशन
  • प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना
  • नमामि गंगे कार्यक्रम
  • ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान

ये सभी योजनाएं भारत के पर्यावरणीय विकास और संरक्षण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।


भारत में पर्यावरण संरक्षण: मौजूदा पहलों की झलक

भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कई पर्यावरणीय योजनाओं और नीतियों को लागू किया है:

  • हर घर सौर ऊर्जा योजना
  • हरित भारत मिशन
  • रामसर स्थलों की संख्या बढ़ाना (अब 91 स्थल)
  • ई-वेस्ट और प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण अभियान

इन पहलों का उद्देश्य सिर्फ पर्यावरण को संरक्षित करना ही नहीं बल्कि स्थायी विकास और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करना भी है।


विश्व पर्यावरण दिवस 2025 का संदेश: सामूहिक प्रयास से ही होगा सुधार

नेताओं के संदेशों से यह स्पष्ट है कि पर्यावरण की रक्षा अब केवल एक सामाजिक या सरकारी दायित्व नहीं रहा, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
दैनिक जीवन में संधारणीय आदतें, जैसे कम पानी की बर्बादी, पौधे लगाना, प्लास्टिक का कम प्रयोग, और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग ही वास्तविक बदलाव ला सकते हैं।

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