मधुबनी में फर्जी सरकारी पोर्टल का भंडाफोड़ | साइबर ठगी गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

मधुबनी में “मधुबनी साइबर ठगी” मामले ने लोगों को चौंका दिया है। पुलिस ने फर्जी सरकारी पोर्टल के जरिए लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और निजी दस्तावेज भी बरामद किए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी गांवों में कैंप लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देते थे।

“मधुबनी साइबर ठगी” के तहत आरोपी आधार अपडेट, आयुष्मान कार्ड और पीएम किसान सत्यापन के नाम पर ग्रामीणों से बायोमेट्रिक जानकारी लेते थे। इसके बदले लोगों से पैसे भी वसूले जाते थे। पुलिस ने पंडौल बाजार और भैरवस्थान इलाके में छापेमारी की। यहां से लैपटॉप, मोबाइल फोन, फिंगरप्रिंट स्कैनर और कई दस्तावेज बरामद हुए। अधिकारियों का कहना है कि जब्त डिवाइसों में हजारों लोगों का डेटा हो सकता है। मामले की फॉरेंसिक जांच जारी है। साइबर थानाध्यक्ष अंकुर कुमार ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान वेबसाइट पर निजी जानकारी साझा न करें।

FAQ

मधुबनी साइबर ठगी मामला क्या है?

यह फर्जी सरकारी पोर्टल के जरिए लोगों से ऑनलाइन ठगी और डेटा चोरी का मामला है।

पुलिस ने क्या बरामद किया?

पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल, बायोमेट्रिक स्कैनर और कई निजी दस्तावेज बरामद किए हैं।

लोगों को कैसे ठगा जा रहा था?

आरोपी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों की निजी जानकारी लेते थे।

Prem Chand | The Morning Star

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