भारत-ब्रिटेन FTA | टेक्सटाइल, ज्वैलरी और फार्मा सेक्टर को मिलेगा बड़ा फायदा
भारत और ब्रिटेन के बीच लागू होने जा रहा भारत-ब्रिटेन FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) भारतीय निर्यातकों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। आगामी 15 जुलाई से इस समझौते के प्रभावी होने के बाद भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि और लेदर उद्योग को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रिटेन हर साल लगभग 500 अरब डॉलर का आयात करता है। ऐसे में भारत-ब्रिटेन FTA भारतीय कंपनियों को अपने निर्यात का विस्तार करने का सुनहरा अवसर देगा। अभी कई भारतीय उत्पादों पर 7 से 20 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता है, लेकिन समझौते के बाद अधिकांश वस्तुएं शून्य शुल्क पर ब्रिटेन पहुंच सकेंगी।
इसके अलावा, ब्रिटेन में कार्यरत भारतीय कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी। सामाजिक सुरक्षा योगदान के नाम पर वेतन से होने वाली अतिरिक्त कटौती अब नहीं होगी। इससे हजारों भारतीय पेशेवरों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। वर्तमान में दोनों देशों के बीच लगभग 56 अरब डॉलर का व्यापार होता है, जिसे आने वाले वर्षों में 100 अरब डॉलर से अधिक तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
FAQ
प्रश्न 1: भारत-ब्रिटेन FTA क्या है?
उत्तर: यह भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है, जिसका उद्देश्य व्यापार को बढ़ावा देना है।
प्रश्न 2: भारत-ब्रिटेन FTA कब लागू होगा?
उत्तर: यह समझौता 15 जुलाई से लागू होने की संभावना है।
प्रश्न 3: किन सेक्टरों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा?
उत्तर: टेक्सटाइल, फार्मा, ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि और लेदर सेक्टर को बड़ा फायदा होगा।
प्रश्न 4: क्या भारतीय कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा?
उत्तर: हां, ब्रिटेन में काम करने वाले भारतीय कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा कटौती से राहत मिलेगी।
