देहरादून चोरी कांड | गोल्ड लोन कंपनी में गिरवी रखे जेवर, 48 घंटे में पुलिस ने दबोचे दो आरोपी
देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में सामने आए चर्चित देहरादून चोरी कांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने एक बंद घर से लाखों रुपये के जेवर और नकदी चोरी कर ली थी। आरोपियों ने चोरी के बाद जेवरों को एक गोल्ड लोन कंपनी में गिरवी रखकर पैसे भी हासिल कर लिए थे। पुलिस के अनुसार, हरबंशवाला निवासी कामनी देवी ने 16 जून को कोतवाली पटेलनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके घर से अज्ञात चोर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो गए हैं। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। पुलिस ने चोटी बाबा मंदिर, पटेलनगर के पास से शुभम पंवार उर्फ गोलू और सोनू उर्फ मोहम्मद सादिक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई अंगूठी, पांच हजार रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि चोरी के अधिकांश जेवर उन्होंने चकराता रोड स्थित एक गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी में गिरवी रख दिए थे।
इसके बाद पुलिस ने कंपनी पहुंचकर करीब छह लाख रुपये मूल्य की ज्वेलरी बरामद कर ली। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। वहीं मुख्य आरोपी शुभम पंवार पर पहले से चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य मामलों के लगभग आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
FAQ
प्रश्न 1: देहरादून चोरी कांड में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
उत्तर: पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
प्रश्न 2: चोरी के जेवर कहां मिले?
उत्तर: जेवर गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखे गए थे, जहां से पुलिस ने उन्हें बरामद किया।
प्रश्न 3: बरामद ज्वेलरी की कीमत कितनी है?
उत्तर: पुलिस के अनुसार बरामद ज्वेलरी की कीमत करीब छह लाख रुपये है।
प्रश्न 4: आरोपियों की पहचान क्या है?
उत्तर: शुभम पंवार उर्फ गोलू और सोनू उर्फ मोहम्मद सादिक।
प्रश्न 5: चोरी के पीछे क्या वजह थी?
उत्तर: पुलिस के अनुसार आरोपी नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करते थे।
