मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना | 5.54 लाख बेटियों के विवाह में बनी सहारा, खाते में मिल रहे 60 हजार रुपये

उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराना है। योजना का लाभ जाति, धर्म या वर्ग के आधार पर नहीं, बल्कि पात्रता के आधार पर दिया जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 9 वर्षों में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 5.54 लाख से अधिक जोड़ों का विवाह कराया गया है। इनमें 1.80 लाख से ज्यादा ओबीसी वर्ग के लाभार्थी शामिल हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 26 हजार से अधिक जोड़े इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।

योजना के तहत सरकार प्रत्येक जोड़े पर 1 लाख रुपये खर्च करती है। इसमें 60 हजार रुपये सीधे नवविवाहिता के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं। इसके अलावा 25 हजार रुपये का गृहस्थी सामान और आभूषण दिए जाते हैं। वहीं 15 हजार रुपये विवाह समारोह की व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं। समाज कल्याण विभाग लाभार्थियों का सत्यापन कर पारदर्शी तरीके से योजना का संचालन करता है। इससे गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिलती है और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न होता है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

FAQ

प्रश्न: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कितनी राशि मिलती है?
उत्तर: नवविवाहिता को 60 हजार रुपये सीधे बैंक खाते में दिए जाते हैं।

प्रश्न: योजना का लाभ कौन ले सकता है?
उत्तर: आर्थिक रूप से कमजोर पात्र परिवार योजना का लाभ ले सकते हैं।

प्रश्न: योजना का संचालन कौन करता है?
उत्तर: समाज कल्याण विभाग योजना का संचालन और सत्यापन करता है।

Prem Chand | The Morning Star

Please Read and Share
Verified by MonsterInsights