प्रयोगशाला में शोध करते वैज्ञानिक और दूषित पानी के नमूनों पर परीक्षण। नई तकनीक की मदद से पानी में मौजूद जहरीले लेड को सुरक्षित रूप से अलग किया जा सकता है।