भारत के राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में कई ऐसे नाम रहे हैं, जिनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। हालांकि कुछ दिग्गज हस्तियों का सफर अचानक हवाई दुर्घटनाओं के कारण समाप्त हो गया। विमान हादसे में निधन की ये घटनाएं आज भी लोगों को भावुक कर देती हैं। भारत के प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा का 1966 में विमान दुर्घटना में निधन हुआ था। इसके बाद 1980 में कांग्रेस नेता संजय गांधी का भी एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। उस समय उनकी गिनती देश के सबसे प्रभावशाली युवा नेताओं में होती थी। वर्ष 2001 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माधवराव सिंधिया का विमान हादसे में निधन हुआ। वहीं 2002 में लोकसभा अध्यक्ष जीएमसी बालयोगी हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार बने। उद्योगपति और नेता ओपी जिंदल की भी 2005 में हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी।
अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू का 2011 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन हुआ। इसके बाद 2021 में देश के पहले CDS जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत की हेलीकॉप्टर हादसे में मृत्यु ने पूरे देश को झकझोर दिया। हाल के वर्षों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का नाम भी उन नेताओं में जुड़ा, जिनका विमान हादसे में निधन हुआ। इन घटनाओं ने हवाई सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए और देशभर में शोक की लहर दौड़ाई। इन नेताओं की विरासत आज भी लोगों के दिलों में जीवित है और उनका योगदान भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहेगा।
FAQ
प्रश्न 1: संजय गांधी का निधन कैसे हुआ था?
उत्तर: 23 जून 1980 को एक विमान दुर्घटना में संजय गांधी का निधन हुआ था।
प्रश्न 2: माधवराव सिंधिया की मृत्यु कब हुई थी?
उत्तर: 30 सितंबर 2001 को विमान दुर्घटना में उनका निधन हुआ था।
प्रश्न 3: जनरल बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर हादसा कब हुआ था?
उत्तर: 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर दुर्घटना हुई थी।
प्रश्न 4: विमान हादसे में निधन पाने वाले प्रमुख नेताओं में कौन-कौन शामिल हैं?
उत्तर: संजय गांधी, माधवराव सिंधिया, जीएमसी बालयोगी, दोरजी खांडू, जनरल बिपिन रावत और विजय रूपाणी प्रमुख नाम हैं।
