सीजफायर के बाद जम्मू-कश्मीर और सीमा क्षेत्रों में लौट रही है शांति: भारतीय सेना का दावा
भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम के बाद जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में हालात सामान्य होने लगे हैं। पिछले कुछ सप्ताह से नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर लगातार तनाव बना हुआ था। हालांकि, अब स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है। भारतीय सेना ने दावा किया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति धीरे-धीरे लौट रही है और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। विशेष रूप से पुंछ, राजौरी, उरी, कुपवाड़ा और अखनूर जैसे क्षेत्रों में लोगों ने राहत की सांस ली है। पहले लगातार गोलीबारी और गोलाबारी की घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल था। लेकिन संघर्षविराम लागू होने के बाद हालात बेहतर हुए हैं। इसके अलावा, रविवार रात को सीमा पर किसी बड़ी घटना की सूचना भी नहीं मिली।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब बच्चे स्कूल जाने लगे हैं। वहीं किसान भी अपने खेतों में लौटकर खेती का काम शुरू कर रहे हैं। इसके साथ ही बाजारों में फिर से चहल-पहल दिखाई देने लगी है। इसलिए लोगों में सामान्य जीवन की उम्मीद मजबूत हुई है। दूसरी ओर, भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं। सेना के अनुसार हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी कारण सीमा चौकियों पर निगरानी बढ़ाई गई है और जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। कुल मिलाकर संघर्षविराम का सकारात्मक असर सीमावर्ती क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। यदि शांति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर के सीमा क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह बहाल हो सकता है।
FAQ
प्रश्न: भारतीय सेना ने क्या दावा किया है?
उत्तर: सेना का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात नियंत्रण में हैं और शांति लौट रही है।
प्रश्न: किन क्षेत्रों में राहत देखने को मिली है?
उत्तर: पुंछ, राजौरी, उरी, कुपवाड़ा और अखनूर जैसे क्षेत्रों में सामान्य स्थिति लौटने लगी है।
प्रश्न: स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ा है?
उत्तर: बच्चे स्कूल जाने लगे हैं, किसान खेतों में लौटे हैं और बाजारों में गतिविधियां बढ़ी हैं।
लेखक: Sunil Sharma | The Morning Star
