स्वच्छ पर्यावरण हमारी अगली पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी विरासत: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी विरासत है। उन्होंने ‘पर्यावरण–2025’ राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान कहा कि जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और बढ़ते प्रदूषण जैसी चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राष्ट्रपति ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखने के लिए हमें अपनी दैनिक जीवनशैली में छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव करने होंगे। इसके अलावा, पानी की बचत, अधिक से अधिक पौधारोपण और प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाना समय की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा प्रकृति के संरक्षण का संदेश देती रही है।

उन्होंने माता-पिता से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह वे अपने बच्चों की शिक्षा और करियर की चिंता करते हैं, उसी तरह उनके स्वच्छ भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान देना चाहिए। इसलिए हर नागरिक को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। Sunil Sharma | The Morning Star का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है। यदि समाज मिलकर प्रयास करे तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, सुरक्षित जल और हरित वातावरण मिल सकता है।

लेखक: Sunil Sharma | The Morning Star

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण हमारी अगली पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी विरासत है।

Q2. पर्यावरण संरक्षण क्यों जरूरी है?
यह जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आवश्यक है।

Q3. आम नागरिक क्या कर सकते हैं?
पेड़ लगाना, पानी बचाना, प्लास्टिक का कम उपयोग करना और स्वच्छता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं।

Please Read and Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights