नई दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर परिसर में आयोजित आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सम्मेलन 2026 के दौरान राजधानी के पर्यटन को नई दिशा देने की पहल की गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर चार नए दिल्ली पर्यटन सर्किट की शुरुआत की। कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव भी शामिल हुए।
इन नए पर्यटन सर्किट का उद्देश्य दिल्ली की आध्यात्मिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटकों के सामने बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना है। दिल्ली में अक्षरधाम सहित कई ऐसे प्रमुख स्थल हैं, जो देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
दिल्ली पर्यटन सर्किट से विरासत पर्यटन को बढ़ावा
चार नए दिल्ली पर्यटन सर्किट के जरिए राजधानी के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को एक व्यवस्थित पर्यटन अनुभव से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इससे पर्यटकों को दिल्ली की विरासत को करीब से समझने का मौका मिलेगा।
यह पहल स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय गाइड, होटल, रेस्टोरेंट,
परिवहन सेवाओं और छोटे कारोबारों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
अक्षरधाम में आयोजित सम्मेलन ने आध्यात्मिक पर्यटन और विरासत संरक्षण के बीच संबंध को भी सामने रखा।
सरकार का प्रयास दिल्ली के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के साथ कम चर्चित सांस्कृतिक स्थानों को भी पहचान दिलाना है।
FAQ
दिल्ली पर्यटन सर्किट क्या है?
ये ऐसे पर्यटन रूट हैं, जिनके जरिए दिल्ली के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को एक व्यवस्थित यात्रा अनुभव से जोड़ा जाता है।
चार नए पर्यटन सर्किट किसने शुरू किए?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अक्षरधाम में आयोजित सम्मेलन के दौरान चार नए पर्यटन सर्किट शुरू किए।
कार्यक्रम में कौन शामिल हुए?
सम्मेलन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ सद्गुरु जग्गी वासुदेव भी शामिल हुए।