हिमाचल प्रदेश में 17 जगह बादल फटने से 18 मौतें, 34 लापता, 332 लोगों को रेस्क्यू

हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से मची भारी तबाही: 18 की मौत, 34 लापता, 332 रेस्क्यू

हिमाचल प्रदेश में सोमवार की रात एक भयावह प्राकृतिक आपदा ने राज्य को दहला दिया। 17 स्थानों पर बादल फटने से आई बाढ़ ने मंडी जिले सहित पूरे प्रदेश में भारी तबाही मचाई। अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 34 लोग लापता हैं। इसके अलावा, 332 लोगों को रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई गई है।”

मंडी जिले में सबसे ज्यादा नुकसान

मुख्य रूप से मंडी जिले में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहां 15 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा, कुल्लू और किन्नौर जिलों में भी बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिससे इन स्थानों पर भी भारी तबाही मची है। मंडी जिले में भारी बारिश, बादल फटने और ब्यास नदी और नालों के रौद्र रूप के कारण पूरी तरह से बर्बादी का मंजर देखा गया।

बाढ़ में कई घर और गोशालाएं बह गईं

मंडी जिले में बाढ़ के कारण 24 घर और 12 गोशालाएं जमींदोज हो गईं। साथ ही, करीब 30 पशुओं की मौत हो गई है। कई पुल भी ध्वस्त हो गए हैं। कुकलाह के समीप पटीकरी प्रोजेक्ट बहने से यहां भी भारी नुकसान हुआ है। थुनाग उपमंडल के कुकलाह में बादल फटने से आई बाढ़ में आठ घरों के साथ 24 लोग बह गए। मंगलवार शाम तक नौ शवों की बरामदगी हुई, जबकि 21 लोग अब भी लापता हैं।

लापता लोगों की खोज में एनडीआरएफ की टीमें

लापता लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। करसोग उपमंडल के कुट्टी नाला में सात लोग फंसे हुए थे, जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। इसके अलावा, करसोग बाईपास से भी सात लोगों को रेस्क्यू किया गया।

जलभराव और सड़कें बंद

मंडी और कांगड़ा जिले के कई इलाकों में भारी बारिश और जलभराव के कारण सड़कें पूरी तरह से बाधित हो गई हैं। हमीरपुर जिले के सुजानपुर उपमंडल के बल्लह गांव में ब्यास नदी के बढ़े जलस्तर के कारण 51 लोग फंसे थे, जिन्हें पांच घंटे बाद रेस्क्यू किया गया। कई औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव की वजह से आर्थिक नुकसान भी हुआ है।

स्कूलों की बंदी और नुकसान का आकलन

कई स्थानों पर भारी बारिश और बाढ़ के कारण स्कूलों को बंद करना पड़ा। मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में स्कूलों की छुट्टी की गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रारंभिक आकलन में करीब 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

हिमाचल में जारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही, राज्य के 406 सड़कें और 171 पानी की स्कीमें ठप हो गई हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संवेदनाएं

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हिमाचल प्रदेश में हुई प्राकृतिक आपदा पर संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, "हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई लोगों की जान जाने और कई लोग लापता होने की खबर बेहद दुखद है। मैं शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और लापता लोगों के सकुशल मिलने की आशा करता हूं।"


“हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से आई बाढ़ और भारी बारिश ने राज्य में गंभीर तबाही मचाई है। इस आपदा ने न केवल कई लोगों की जान ली, बल्कि भारी संपत्ति का नुकसान भी किया है। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी है, और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। यह आपदा राज्य के नागरिकों के लिए एक कठिन समय है, लेकिन राहत कार्यों के साथ उम्मीद है कि जल्द ही हालात सामान्य होंगे।”

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