भारत ने गुयाना में दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग कैंप आयोजित कर निभाया वादा

भारत की जन-केंद्रित कूटनीति, गुयाना में दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग कैंप से मिला जीवन को नया सहारा

“भारत ने कैरिबियाई क्षेत्र में दिव्यांग व्यक्तियों की सहायता के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गुयाना की राजधानी जॉर्जटाउन में कृत्रिम अंग दान और फिटमेंट कैंप का आयोजन किया गया। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए वादे को पूरा करती है और भारत की जन-केंद्रित कूटनीति का उदाहरण प्रस्तुत करती है।”

आयोजन का विवरण

यह कार्यक्रम भारतीय कंपनी कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड, गुयाना के स्वास्थ्य मंत्रालय और कैरिबियन समुदाय (CARICOM) सचिवालय के सहयोग से आयोजित किया गया। कैंप का शुभारंभ जॉर्जटाउन स्थित टॉलेमी रीड रिहैबिलिटेशन सेंटर में हुआ। जॉर्जटाउन स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस पहल को भारत-गुयाना मैत्री और सहयोग की दिशा में एक नई शुरुआत बताया। उच्चायोग ने सोशल मीडिया पर लिखा— “एक वादा निभाया गया, एक प्रतिबद्धता पूरी हुई।”

भारत-कैरिकॉम सहयोग की पुष्टि

नवंबर 2024 में आयोजित दूसरे भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कैरिबियाई क्षेत्र के दिव्यांग नागरिकों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। अब इस कैंप के जरिए भारत ने उस वादे को पूरा किया है।

कार्यक्रम के दौरान भारत-कैरिकॉम साझेदारी को एक नए अध्याय की शुरुआत करार दिया गया।

जयपुर फुट और भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति की भूमिका

गुयाना के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना का आयोजन भारत की प्रसिद्ध संस्था जयपुर फुट और भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के सहयोग से किया गया। इसका उद्देश्य जरूरतमंद नागरिकों को किफायती और जीवन बदलने वाले कृत्रिम अंग प्रदान करना है।

स्वास्थ्य मंत्री का वक्तव्य

गुयाना के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. फ्रैंक एंथनी ने इस पहल के लिए भारत सरकार और जयपुर फुट का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा:

  • “यह साझेदारी परिवर्तनकारी है। कृत्रिम अंग केवल चलने-फिरने की क्षमता ही नहीं लौटाते, बल्कि स्वतंत्रता, सम्मान और अवसर भी वापस देते हैं।”
  • “दुर्घटनाओं या मधुमेह जैसी बीमारियों से अंग गंवाने वाले कई नागरिकों के लिए किफायती कृत्रिम अंग अब तक एक सपना था। इस कार्यक्रम ने उस बाधा को दूर किया और लोगों को जीवन का दूसरा मौका दिया।”

प्रमुख अतिथि

इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें शामिल थे:

  • भारत के गुयाना में उच्चायुक्त अमित तलांग
  • बेलीज की उच्चायुक्त गेल मिलर-गार्नेट
  • कैरिकॉम में स्वास्थ्य क्षेत्र विकास की उप प्रबंधक सेरेना बेंडर-पेल्ट्जविक
  • स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य अतिथि

भारत की बहुआयामी सहायता

भारत ने कैरिकॉम देशों को सात प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग का वादा किया है। इनमें शामिल हैं:

  1. क्षमता निर्माण
  2. कृषि और खाद्य सुरक्षा
  3. नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन
  4. नवाचार, प्रौद्योगिकी और व्यापार
  5. क्रिकेट और संस्कृति
  6. समुद्री अर्थव्यवस्था और समुद्री सुरक्षा
  7. चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा

“भारत द्वारा गुयाना में आयोजित कृत्रिम अंग कैंप केवल स्वास्थ्य सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की मानवीय कूटनीति और वैश्विक प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इस पहल ने न केवल दिव्यांग नागरिकों को नया जीवन दिया है, बल्कि भारत और कैरिकॉम देशों के बीच साझेदारी को भी मजबूत बनाया है।”

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