भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को मिली नई रफ्तार, 2027 तक सूरत से वापी के बीच शुरू हो सकती है हाई स्पीड ट्रेन सेवा
नई दिल्ली। भारत की बहुप्रतीक्षित पहली हाई स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना अब तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। लंबे समय से निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत वर्ष 2027 तक गुजरात के सूरत और वापी के बीच लगभग 100 किलोमीटर लंबे पहले खंड पर बुलेट ट्रेन सेवा शुरू किए जाने की तैयारी है। यह भारत के रेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
सरकार और परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सूरत से वापी के बीच निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। इस खंड पर ट्रैक बिछाने पुलों के निर्माण स्टेशन विकसित करने और अत्याधुनिक रेल प्रणाली स्थापित करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि निर्धारित समय सीमा के अनुसार काम पूरा होता है तो वर्ष 2027 में यात्रियों को पहली बार भारत में हाई स्पीड बुलेट ट्रेन का अनुभव मिलेगा।
बुलेट ट्रेन परियोजना भारत और जापान के सहयोग से विकसित की जा रही है। इस परियोजना में जापान की अत्याधुनिक शिंकानसेन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है जो दुनिया की सबसे सुरक्षित और तेज रेल प्रणालियों में शामिल है। इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार लगभग 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी जिससे लंबी दूरी की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
सूरत से वापी के बीच सेवा शुरू होने के बाद परियोजना के अगले चरणों पर भी तेजी से काम किया जाएगा। पूरी परियोजना के पूरा होने पर मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय कई घंटों से घटकर लगभग दो से ढाई घंटे रह जाने की उम्मीद है। इससे यात्रियों को तेज सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बुलेट ट्रेन परियोजना केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने तक सीमित नहीं है बल्कि इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और गुजरात सहित पूरे पश्चिमी भारत में औद्योगिक तथा आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
सरकार का कहना है कि यह परियोजना भारत के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हाई स्पीड रेल नेटवर्क भविष्य में देश के अन्य प्रमुख शहरों तक भी विस्तार किया जा सकता है जिससे भारत की रेल व्यवस्था नई तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के साथ एक नए दौर में प्रवेश करेगी।

