सिंधु जल समझौता पर बढ़ा विवाद, पाकिस्तान की धमकी के बीच भारत अपने फैसले पर कायम

सिंधु जल समझौता एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच चर्चा का विषय बन गया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल समझौते को स्थगित करने के फैसले पर पाकिस्तान लगातार प्रतिक्रिया दे रहा है। हाल ही में पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा कि यदि पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोका गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। वहीं पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने भी भारत पर निशाना साधते हुए जल समझौते को लेकर अपनी आपत्ति जताई। भारत ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद और सामान्य संबंध साथ-साथ नहीं चल सकते। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि आतंक और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते तथा पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। विशेषज्ञों का मानना है कि सिंधु जल समझौता केवल जल बंटवारे का विषय नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे समय में दोनों देशों की बयानबाजी क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है। भारत फिलहाल अपने रुख पर कायम है, जबकि पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहा है।

FAQ

प्रश्न 1: सिंधु जल समझौता क्या है?
उत्तर: यह 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ जल बंटवारा समझौता है।

प्रश्न 2: भारत ने सिंधु जल समझौते पर सख्त कदम क्यों उठाया?
उत्तर: पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए भारत ने यह फैसला लिया।

प्रश्न 3: पाकिस्तान ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
उत्तर: पाकिस्तान के नेताओं ने भारत के फैसले का विरोध करते हुए तीखी बयानबाजी की है।

Prem Chand | The Morning Star

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