Insurance Loan Fraud | OTP चुराकर ग्राहकों के नाम पर लिए फर्जी लोन, 24 लाख की ठगी का खुलासा
Insurance Loan Fraud का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें मुंबई साइबर पुलिस ने हरियाणा के पानीपत से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक निजी बीमा कंपनी के पूर्व कर्मचारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर ग्राहकों के मोबाइल फोन से OTP हासिल कर उनके नाम पर फर्जी लोन मंजूर करवाए और करीब 24 लाख रुपये की ठगी की। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ग्राहकों के घर जाकर पुरानी पॉलिसी को नई योजना में बदलने का झांसा देते थे। प्रक्रिया के दौरान वे ग्राहकों का मोबाइल फोन अपने हाथ में लेकर OTP देख लेते थे। इसके बाद कंपनी के रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और बैंक खाते की जानकारी बदल दी जाती थी। इसी जानकारी के आधार पर फर्जी लोन पास करवा लिए जाते थे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब गुरुग्राम के एक ग्राहक को ऐसे लोन का मैसेज मिला, जिसके लिए उसने कभी आवेदन नहीं किया था। शिकायत के बाद कंपनी की जांच में करीब 15 संदिग्ध लोन मामलों का पता चला। इसके बाद मुंबई साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में OTP साझा न करें और अपने मोबाइल फोन को किसी अन्य व्यक्ति के हाथ में देने से बचें। यह मामला दिखाता है कि Insurance Loan Fraud किस तरह ग्राहकों की छोटी सी लापरवाही का फायदा उठाकर बड़ी ठगी में बदल सकता है
FAQ
Q1. Insurance Loan Fraud क्या है?
यह एक धोखाधड़ी है जिसमें ग्राहकों की जानकारी का दुरुपयोग कर फर्जी लोन लिया जाता है।
Q2. इस मामले में कितनी ठगी हुई?
जांच के अनुसार लगभग 24 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है।
Q3. आरोपी OTP कैसे हासिल करते थे?
वे पॉलिसी अपडेट करने के बहाने ग्राहकों के मोबाइल फोन से OTP देख लेते थे।
