50 से अधिक इजरायली फाइटर जेट्स ने चलाया बड़ा हवाई ऑपरेशन

इजरायली रक्षा बल (IDF) ने दावा किया है कि उनके 50 से अधिक फाइटर जेट्स ने तेहरान और उसके आस-पास के क्षेत्रों में ईरानी सैन्य और सुरक्षा ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं। यह हमला इजरायली खुफिया एजेंसी द्वारा जुटाई गई जानकारी के आधार पर किया गया। हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था।

ईरानी मुख्यालय और मिसाइल निर्माण स्थल बने निशाना

आईडीएफ के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान तेहरान में स्थित ईरानी शासन के सैन्य मुख्यालय, मिसाइल निर्माण यूनिट, रडार सिस्टम और मिसाइल भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई व्यापक सैन्य रणनीति के तहत की गई ताकि ईरान की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा पर प्रभाव डाला जा सके।

“थरअल्लाह मुख्यालय” सहित प्रमुख केंद्र ध्वस्त

आईडीएफ के मुताबिक, इस हमले में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई प्रमुख कमांड सेंटरों को ध्वस्त कर दिया गया है। इनमें थरअल्लाह मुख्यालय प्रमुख था, जो तेहरान को बाहरी और आतंरिक खतरों से सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी संभालता है।

सैयद अल-शहादा ब्रिगेड और बसीज मुख्यालय भी चपेट में

ईरान की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदार यूनिट “सैयद अल-शहादा ब्रिगेड” और “बसीज मुख्यालय” भी इस हमले का लक्ष्य बने। बसीज मुख्यालय इस्लामी कानून लागू कराने और नागरिकों की निगरानी जैसे कार्यों के लिए जाना जाता है। इन दोनों पर हुए हमले से ईरानी शासन की नियंत्रण प्रणाली को गहरा झटका लगा है।

ईरानी वायुसेना के छह सैन्य हवाई अड्डों पर भी हमला

इजरायली वायुसेना ने पश्चिमी, मध्य और पूर्वी ईरान में स्थित छह प्रमुख सैन्य हवाई अड्डों पर हमला किया। इनमें रनवे, भूमिगत हैंगर, ईंधन टैंकर, और ईरानी वायुसेना के F-14, F-5 और AH-1 जैसे लड़ाकू विमान नष्ट कर दिए गए। इससे ईरानी वायुसेना की उड़ान और संचालन क्षमता को भारी नुकसान हुआ है।

अलबोर्ज कॉर्प्स और खुफिया इकाइयाँ भी निशाने पर

आईडीएफ ने दावा किया है कि उन्होंने तेहरान की सुरक्षा से जुड़ी कई अन्य इकाइयों पर भी बमबारी की है। इसमें अलबोर्ज कॉर्प्स, आंतरिक सुरक्षा बलों के खुफिया केंद्र और सामान्य सुरक्षा पुलिस मुख्यालय शामिल हैं।

नेतन्याहू ने दोहराई कड़ी कार्रवाई की नीति

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा है कि इजरायल अपनी सैन्य कार्रवाई को ईरान और गाज़ा दोनों मोर्चों पर पूरी ताकत से जारी रखेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ईरानी प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय तनाव

इस हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव में और वृद्धि हो सकती है। ईरान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि ईरान इसकी कड़ी प्रतिक्रिया दे सकता है।

"तेहरान पर इजरायली फाइटर जेट्स के इस हमले ने पूरे क्षेत्र को एक बार फिर से युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है। यह हवाई अभियान इजरायल की सैन्य क्षमता और खुफिया नेटवर्क की ताकत को दर्शाता है। यह देखना बाकी है कि ईरान इस कार्रवाई का जवाब किस तरह देता है।"

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