Jio IPO | Meta और Google की बढ़ सकती है दौलत, निवेशकों की नजर सबसे बड़े इश्यू पर
भारत की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनियों में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है। माना जा रहा है कि Jio IPO देश के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए करीब 37,700 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। दस्तावेजों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा। यानी मौजूदा निवेशक अपने शेयर नहीं बेचेंगे। Jio IPO से मिलने वाली राशि का बड़ा हिस्सा रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को कम करने में लगाया जाएगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रिलायंस इंडस्ट्रीज की है। वहीं, Meta के पास लगभग 9.99 प्रतिशत और Google के पास करीब 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। दोनों कंपनियों ने वर्ष 2020 में जियो में बड़ा निवेश किया था। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि Jio IPO के बाद कंपनी का मूल्यांकन 137 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे Meta और Google के निवेश का मूल्य भी काफी बढ़ सकता है। इसके अलावा सिल्वर लेक, केकेआर, जनरल अटलांटिक, मुबाडाला और क्वालकॉम वेंचर्स जैसे वैश्विक निवेशकों ने भी जियो में निवेश कर रखा है। यही वजह है कि यह आईपीओ घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
FAQ
Q1. Jio IPO से कितनी राशि जुटाई जाएगी?
करीब 37,700 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है।
Q2. Jio में Meta की कितनी हिस्सेदारी है?
Meta के पास लगभग 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
Q3. Google की हिस्सेदारी कितनी है?
Google के पास करीब 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूद है।
