झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन अभी भी जारी है। राज्य सरकार और अभ्यर्थियों के बीच दूसरे दौर की बातचीत भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पिछले कई दिनों से हजारों अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, लंबित नियुक्तियों और परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया है।
क्या है जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन?
जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर शुरू हुआ है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कई भर्तियां वर्षों से लंबित हैं और नियुक्ति प्रक्रिया में देरी हो रही है।
प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। दूसरी ओर, सरकार ने भरोसा दिलाया है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास जारी है।
छात्रों की प्रमुख मांगें
- लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को जल्द पूरा किया जाए।
- परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए।
- नियुक्तियों में पारदर्शिता लाई जाए।
- रिक्त पदों की संख्या बढ़ाई जाए।
- भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जाए।
दूसरी वार्ता विफल होने के बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई है। कई छात्र संगठनों ने भी जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन को समर्थन दिया है।
झारखंड सरकार और अभ्यर्थियों के बीच अगले दौर की बातचीत पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
FAQ
1. जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन कहां चल रहा है?
यह आंदोलन रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा है।
2. छात्रों की मुख्य मांग क्या है?
छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और लंबित नियुक्तियों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
3. क्या सरकार और छात्रों के बीच बातचीत हुई है?
हां, अब तक दो दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
4. आंदोलन क्यों किया जा रहा है?
अभ्यर्थी भर्ती में देरी और अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।