International news | लाहौर ट्यूशन सेंटर हादसा:- पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे वहां पढ़ाई कर रहे 14 मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 20 अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय दर्जनों बच्चे कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। अचानक तेज आवाज के साथ छत गिर गई और बच्चे मलबे के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस, रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। कई घंटे तक चले राहत अभियान के बाद मलबे में फंसे बच्चों और शिक्षिका को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई बच्चों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
Heatwave in Europe :- यूरोप में भीषण गर्मी बनी जानलेवा, फ्रांस में 1000 से अधिक लोगों की मौत, शव रखने तक की जगह कम पड़ी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह ट्यूशन सेंटर एक निर्माणाधीन और जर्जर इमारत में संचालित किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि भवन की ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था, जिससे पूरी संरचना कमजोर हो गई थी। अधिकारियों ने इस मामले में भवन मालिक और निर्माण से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रशासन ने लापरवाही की जांच के आदेश भी दे दिए हैं।
हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। अस्पतालों के बाहर परिजनों की भीड़ जमा रही, जहां अपने बच्चों की खबर पाने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार करते रहे। कई परिवारों ने एक साथ अपने मासूम बच्चों को खो दिया, जिससे हर ओर चीख-पुकार और गम का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर अवैध और असुरक्षित इमारतों में चल रहे शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतक बच्चों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। साथ ही अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और प्रदेशभर में स्कूलों व ट्यूशन सेंटरों की इमारतों की सुरक्षा जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि निर्माण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन किया जाता, तो शायद इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था।
अधिकारियों ने भवन मालिक और निर्माण से जुड़े लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने घायलों के बेहतर उपचार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। घटना की पुष्टि Associated Press और Reuters की रिपोर्टों से होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: हादसा कहां हुआ?
उत्तर: यह घटना लाहौर जिले के कहना टाउन स्थित निजी ट्यूशन सेंटर में हुई।
प्रश्न: कितने बच्चे घायल हुए?
उत्तर: विश्वसनीय रिपोर्टों के अनुसार कम-से-कम आठ बच्चे घायल हुए। “20 घायल” संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।