लखनऊ अग्निकांड 18 लोगों की मौत के बाद सरकार अलर्ट, पीएमओ ने घोषित की आर्थिक सहायता
राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए लखनऊ अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। सोमवार को एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग में 18 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य कई घंटों तक जारी रहा। प्रशासन ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और आग पर काबू पाने के लिए दमकल की कई गाड़ियों को मौके पर लगाया। प्रारंभिक जांच के अनुसार आग बिल्डिंग में संचालित एक पेट शॉप से शुरू हुई। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। कॉम्प्लेक्स में लाइब्रेरी, गेमिंग जोन और कोचिंग सेंटर भी संचालित हो रहे थे, जिससे बड़ी संख्या में लोग अंदर फंस गए।
लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन अब फायर सेफ्टी मानकों और भवन की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रहा है। यह हादसा एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित फायर ऑडिट और सुरक्षा मानकों का पालन ऐसे हादसों को रोकने में मदद कर सकता है।
FAQ
Q1. लखनऊ अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई?
उत्तर: शुरुआती जानकारी के अनुसार 18 लोगों की मौत की सूचना मिली है।
Q2. आग कहां लगी थी?
उत्तर: आग अलीगंज स्थित एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगी थी।
Q3. सरकार ने क्या घोषणा की है?
उत्तर: पीएमओ ने आर्थिक सहायता का ऐलान किया है और राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं।
