लखनऊ अग्निकांड जांच | 16 अधिकारियों की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

लखनऊ अग्निकांड जांच में अब बड़ा खुलासा सामने आया है। अलीगंज स्थित जिस भवन में भीषण आग की घटना हुई, वहां निर्माण नियमों और सुरक्षा मानकों की लंबे समय तक अनदेखी की गई। जांच में सामने आया कि आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत नक्शे के स्थान पर बहुमंजिला व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तैयार कर दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने वर्ष 2016 में अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी की थी। इसके बावजूद भवन को न तो सील किया गया और न ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई। अब लखनऊ अग्निकांड जांच के तहत एलडीए, नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और फायर विभाग से जुड़े 16 अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

जांच में यह भी पाया गया कि भवन में फायर सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं हुआ। बेसमेंट, सेटबैक और ऊंचाई संबंधी नियमों के उल्लंघन के आरोप भी सामने आए हैं। प्रशासन अब पुराने रिकॉर्ड और फाइलों की समीक्षा कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती, तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। फिलहाल लखनऊ अग्निकांड जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

FAQ

प्रश्न: लखनऊ अग्निकांड जांच में कितने अधिकारी जांच के दायरे में हैं?
उत्तर: प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 16 अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

प्रश्न: भवन में किस तरह की अनियमितताएं मिलीं?
उत्तर: अवैध निर्माण, फायर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन और स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण के मामले सामने आए हैं।

प्रश्न: क्या एलडीए ने पहले कोई कार्रवाई की थी?
उत्तर: वर्ष 2016 में नोटिस जारी की गई थी, लेकिन आगे प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

Prem Chand | The Morning Star

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