नाबालिग लापता मामला | दो महीने बाद FIR दर्ज होने से उठे सवाल

पंजाब के मोहाली जिले के खरड़ में सामने आया नाबालिग लापता मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। 13 वर्षीय विशाल 22 अप्रैल को घर से खेलने के लिए निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार का आरोप है कि उन्होंने उसी दिन पुलिस को शिकायत दी थी, फिर भी एफआईआर दर्ज करने में लगभग दो महीने का समय लग गया। विशाल के पिता सुधीर कुमार मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले के रहने वाले हैं और खरड़ में पेंटिंग का काम करते हैं। उनका कहना है कि बेटे के गायब होने के बाद परिवार ने रिश्तेदारों और अन्य संभावित स्थानों पर काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस से मदद मांगी और लगातार संपर्क में रहे।

इस नाबालिग लापता मामला में सबसे बड़ा सवाल पुलिस कार्रवाई में हुई देरी को लेकर उठ रहा है। परिवार का कहना है कि दो महीने तक वे अपने बच्चे की तलाश में भटकते रहे, जबकि औपचारिक एफआईआर बाद में दर्ज की गई। अब पुलिस ने एफआईआर नंबर 192 दर्ज कर जांच शुरू करने की बात कही है। विशेषज्ञों का मानना है कि लापता बच्चों के मामलों में शुरुआती घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई बच्चे की सुरक्षित बरामदगी की संभावना बढ़ा सकती है। फिलहाल परिवार अपने बेटे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है।

FAQ

प्रश्न 1: बच्चा कब लापता हुआ था?
उत्तर: विशाल 22 अप्रैल को घर से खेलने निकला था और वापस नहीं लौटा।

प्रश्न 2: एफआईआर कब दर्ज हुई?
उत्तर: परिवार के अनुसार शिकायत अप्रैल में दी गई थी, लेकिन एफआईआर लगभग दो महीने बाद दर्ज हुई।

प्रश्न 3: पुलिस क्या कह रही है?
उत्तर: पुलिस ने एफआईआर नंबर 192 दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू करने की बात कही है।

Prem Chand | The Morning Star

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