राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य अभियान 2025: आयुष मंत्रालय का बड़ा कदम महिलाओं के लिए

“भारत सरकार का राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य अभियान 2025 17 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और आयुष मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना, बीमारियों की शुरुआती जांच करना और आयुर्वेद आधारित जीवनशैली को बढ़ावा देना है।”

अभियान की शुरुआत और उद्देश्य यह अभियान 16 दिनों के लिए चलेगा और पूरे देश में सहयोग कर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से संचालित किया जाएगा। आयुष मंत्रालय ने घोषणा की है कि इसमें अनुसंधान संस्थान, उद्योग, स्वयंसेवी संगठन और स्वयं सहायता समूह महिलाएं सक्रिय भूमिका साधारणता से निभाएंगे।

इसका प्रधान उद्देश्य है:

  • महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम
  • PCOD (पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज) का ईलाज
  • NCDs (गैर-संचारी रोग) जैसे डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की स्क्रीनिंग
  • मात्र और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करना
  • पोषण और स्वच्छता पर जागरूकता फैलाना
  • महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाएं

राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य अभियान 2025 के अंतर्गत पूरे देश में हेल्थ कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में महिलाओं के लिए:

  • स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग
  • कैंसर, एनीमिया, टीबी और सिकल सेल रोग की जांच
  • गर्भावस्था से लेकर पेलिएटिव केयर तक सेवाएं
  • स्वैच्छिक रक्तदान शिविर
  • मात्र और शिशु स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • आयुष मंत्रालय की खास पहलें
  • आयुष मंत्रालय इस अभियान में आयुर्वेद आधारित वेलनेस प्रोग्राम, योग सत्र और माइंडफुलनेस प्रैक्टिस आयोजित करेगा।
  • महिलाओं के लिए घरेलू नुस्खे और पोषण किट वितरित की जाएंगी।
  • औषधीय पौधों और हर्बल चाय के लाभ पर जागरूकता फैलाई जाएगी।
  • प्रकृति परीक्षण (Nature Test) और लाइफस्टाइल काउंसलिंग कियोस्क भी उपलब्ध रहेंगे।
  • कॉर्पोरेट महिलाओं के लिए वेलनेस प्रोग्राम

इस अभियान का एक खास फोकस कॉर्पोरेट और कार्यरत महिलाओं पर होगा। उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए:

  • योग सत्र
  • ध्यान (मेडिटेशन)
  • तनाव प्रबंधन कार्यक्रम
  • हर्बल न्यूट्रिशन गाइडेंस
  • आयोजित किए जाएंगे।

जागरूकता अभियान और सोशल मीडिया की भूमिका

  • स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे।
  • पंचायत स्तर पर महिला स्वयं सहायता समूह रैलियां और शपथ कार्यक्रम करेंगे।
  • रेडियो, टीवी और सोशल मीडिया के जरिए हर दिन आयुष हेल्थ टिप्स साझा की जाएंगी।

इसमें विषय होंगे:

  • एनीमिया मुक्त महिलाएं
  • मातृ स्वास्थ्य
  • तनाव प्रबंधन
  • हर्बल पोषण
  • हड्डियों की मजबूती

महिलाओं के लिए एकीकृत स्वास्थ्य दृष्टिकोण इस अभियान के तहत गर्भावस्था, मातृत्व, किशोरावस्था के बाद महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाएँ दीर्घकालिक देखभाल (Palliative Care) तक कवर की जाएंगीं।

आयुष मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य अभियान 2025 न केवल बीमारी की रोकथाम पर अधिक निर्देशित होगा, बल्कि स्वास्थ्य शिक्षा और जीवनशैली सुधार पर भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर अधिक ध्यान देगा।

नतीजा: महिलाओं की सेहत को नई दिशा यह पहल भारतीय महिलाओं को एक नई ऊंचाई पर स्वास्थ्य सुरक्षा और जागरूकता देगा। आयुर्वेद, योग और आधुनिक चिकित्सा के मेल से यह पहल महिलाओं की पूर्ण सेहत और उनके परिवार की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

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