NEET साइबर फ्रॉड का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बिहार के 19 वर्षीय छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने NEET-UG 2026 के उम्मीदवारों के अकाउंट में सेंध लगाकर फीस रिफंड की राशि अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करने की कोशिश की। जांच के अनुसार आरोपी ने करीब 350 छात्रों के अकाउंट्स को निशाना बनाया। इनमें से लगभग 150 अकाउंट ऐसे थे जिनके पासवर्ड बेहद कमजोर थे। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर आरोपी ने कई खातों में लॉगिन किया और बैंक डिटेल बदलने का प्रयास किया। हालांकि मजबूत पासवर्ड वाले अकाउंट्स तक वह पहुंच नहीं सका।
NTA के सुरक्षा सिस्टम ने संदिग्ध गतिविधियों को समय रहते पहचान लिया। इसके बाद डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग जानकारी के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई गई। पुलिस ने उसके खिलाफ साइबर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह मामला छात्रों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत पासवर्ड और डिजिटल सुरक्षा के नियमों का पालन करके ऐसे साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। NEET साइबर फ्रॉड जैसी घटनाएं बताती हैं कि ऑनलाइन सुरक्षा अब परीक्षा तैयारी जितनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।
FAQ
प्रश्न: NEET साइबर फ्रॉड मामले में कौन गिरफ्तार हुआ है?
उत्तर: बिहार के गया जिले के 19 वर्षीय छात्र को गिरफ्तार किया गया है।
प्रश्न: कितने छात्रों के अकाउंट निशाने पर थे?
उत्तर: जांच के अनुसार करीब 350 अकाउंट्स को निशाना बनाया गया था।
प्रश्न: फ्रॉड का खुलासा कैसे हुआ?
उत्तर: NTA के सुरक्षा सिस्टम ने संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक किया।
