प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 78वीं विश्व स्वास्थ्य महासभा (WHO) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का समाधान सभी देशों के सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने ‘One World for Health’ विषय का स्वागत करते हुए भारत के ‘One Earth, One Health’ दृष्टिकोण को दोहराया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है। इसके अलावा, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र, जन औषधि केंद्र और डिजिटल हेल्थ मिशन जैसी पहलें देश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बना रही हैं।
साथ ही, प्रधानमंत्री ने डिजिटल हेल्थ आईडी और टेलीमेडिसिन सेवाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से दूरदराज क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। इससे लाखों लोगों को समय पर उपचार और सलाह मिल रही है। Sunil Sharma | The Morning Star के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग, नवाचार और साझेदारी को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है।
FAQ
प्रश्न: प्रधानमंत्री मोदी ने WHO महासभा में क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग और देशों के बीच एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रश्न: आयुष्मान भारत योजना क्या है?
उत्तर: यह भारत सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो करोड़ों लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा देती है।
प्रश्न: डिजिटल हेल्थ मिशन का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक प्रभावी और सुलभ बनाना।