ब्राजील यात्रा के बाद पीएम मोदी नामीबिया रवाना: वैश्विक दक्षिण के साथ साझेदारी को नया विस्तार

पीएम मोदी ब्राजील यात्रा के बाद नामीबिया रवाना: सहयोग का नया रोडमैप तय करने की तैयारी

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील यात्रा के ऐतिहासिक समापन के बाद मंगलवार को नामीबिया के लिए रवाना हुए। यह यात्रा भारत के लिए एक और अहम कूटनीतिक कदम है, जहां वह वैश्विक दक्षिण (Global South) के साथ अपने संबंधों को गहराई और रणनीतिक स्पष्टता देने की ओर अग्रसर है।”


ब्राजील यात्रा: सहयोग, सम्मान और साझेदारी का प्रतीक

ब्राजील में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, रक्षा, कृषि और सुपरकंप्यूटिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत-ब्राजील सहयोग को नई दिशा देने में सफल रही।

ब्राजील यात्रा की मुख्य उपलब्धियां:

  • ऊर्जा, AI, अंतरिक्ष और कृषि पर कई MoUs पर हस्ताक्षर
  • 20 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य तय
  • ब्राजील के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ़ द नेशनल ऑर्डर ऑफ़ द सदर्न क्रॉस’ से सम्मानित
  • आतंकवाद के खिलाफ साझा संकल्प और दोहरे मानकों की निंदा
  • BRICS शिखर सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा को 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले पर संवेदना प्रकट करने और समर्थन देने के लिए धन्यवाद भी दिया।


पीएम मोदी नामीबिया यात्रा: ऐतिहासिक और सामरिक संबंधों की पुनर्पुष्टि

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव नामीबिया को “एक विश्वसनीय साझेदार” बताया और कहा कि भारत और नामीबिया का रिश्ता केवल वर्तमान सहयोग नहीं, बल्कि उपनिवेशवाद के खिलाफ साझा संघर्ष की बुनियाद पर टिका है।

नामीबिया यात्रा के मुख्य उद्देश्य:

  • रक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, खनिज और शिक्षा में सहयोग को मजबूत करना
  • नामीबिया की संसद को संबोधित करना
  • राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवा से मुलाकात
  • वैश्विक दक्षिण में साझेदारी के लिए नई रणनीति तय करना

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मुझे राष्ट्रपति महामहिम डॉ. नंदी-नदैतवा से मिलने और हमारे लोगों तथा व्यापक वैश्विक दक्षिण के लाभ के लिए एक नया रोडमैप तैयार करने की उम्मीद है।”


वैश्विक दक्षिण के साथ भारत का जुड़ाव: बढ़ता प्रभाव

प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यात्रा – घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया – भारत की वैश्विक दक्षिण में भूमिका को पुनर्परिभाषित करती है। इन यात्राओं के जरिए भारत इन क्षेत्रों के साथ रणनीतिक, तकनीकी और सांस्कृतिक साझेदारी को नई दिशा दे रहा है।

बहुपक्षीय मंचों पर भारत की भागीदारी:

  • BRICS
  • अफ्रीकी संघ
  • ECOWAS (इकोवास)
  • CARICOM (कैरीकॉम)

प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ये यात्राएं न केवल भू-राजनीतिक जुड़ाव, बल्कि जन-केन्द्रित विकास और स्थायी सहयोग के एजेंडे को मजबूत करेंगी।


ब्राजील-नामीबिया यात्रा का समेकित महत्व

भारत की विदेश नीति में ब्राजील और नामीबिया दोनों का अपना सामरिक महत्व है:

  • ब्राजील: दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा देश, Mercosur का सदस्य, BRICS का मजबूत स्तंभ
  • नामीबिया: अफ्रीका का खनिज संपन्न और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश, भारत के साथ गहरे ऐतिहासिक संबंध

इस यात्रा से भारत को:

  • समावेशी वैश्वीकरण में नेतृत्व का अवसर
  • ऊर्जा और तकनीकी सहयोग में नया आयाम
  • अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में मजबूत साझेदारी

पीएम मोदी का एक्स पोस्ट: ब्राजील की जनता को धन्यवाद

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा:

“मैं अपने अच्छे मित्र, राष्ट्रपति लूला, ब्राजील सरकार और वहां के अद्भुत लोगों को उनकी दयालुता और गर्मजोशी के लिए धन्यवाद देता हूं। रियो डी जेनेरियो में BRICS शिखर सम्मेलन और ब्रासीलिया में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत-ब्राजील संबंधों को नई ऊर्जा मिली है।”

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