रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तमिलनाडु दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने वेलिंगटन छावनी में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने स्मारक स्थल पर पुष्पचक्र चढ़ाकर वीर जवानों के बलिदान को नमन किया। यह कार्यक्रम आर्मी ट्रेनिंग कॉलेज (एटीसी) में आयोजित पासिंग-आउट परेड के अवसर पर हुआ। कार्यक्रम में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। पासिंग-आउट परेड भारतीय सेना का एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जाता है। इसमें प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवा अधिकारियों को सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष भारत के अलावा कई मित्र देशों के सैन्य प्रशिक्षुओं ने भी भाग लिया। इसके अलावा विदेशी अधिकारियों को आधुनिक सैन्य प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
वेलिंगटन छावनी भारतीय सेना का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र है। यहां मद्रास रेजिमेंट सेंटर और आर्मी ट्रेनिंग कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थित हैं। यही कारण है कि यह केंद्र देश और विदेश के सैन्य अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए विशेष पहचान रखता है। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि युवा अधिकारियों ने कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसलिए अब उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी भविष्य में देश की सुरक्षा और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। भारत की वैश्विक भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत हमेशा मित्र देशों की सहायता के लिए तैयार रहता है। साथ ही देश शांति, सहयोग और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
रिपोर्ट: Sunil Sharma | The Morning Star
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. राजनाथ सिंह ने तमिलनाडु में किस स्थान का दौरा किया?
उत्तर: उन्होंने वेलिंगटन छावनी का दौरा किया।
Q2. उन्होंने वहां क्या किया?
उत्तर: उन्होंने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पासिंग-आउट परेड में भाग लिया।
Q3. वेलिंगटन छावनी क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह भारतीय सेना का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र है, जहां देश-विदेश के सैन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
Q4. पासिंग-आउट परेड का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवा अधिकारियों को सम्मानित करना और उन्हें सेना में जिम्मेदार भूमिका के लिए तैयार करना।
